गोमती नदी में छोड़ी गईं मछलियों की 60 हजार अंगुलिकाएं
राष्ट्रीय मत्स्य पालक दिवस पर आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, अयोध्या में 60 हजार भारतीय मेजर कार्प मत्स्य अंगुलिकाओं का संचयन किया गया। कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

अयोध्या। राष्ट्रीय मत्स्य पालक दिवस के अवसर पर आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में मत्स्य संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने मात्स्यिकी प्रक्षेत्र स्थित तालाब में मत्स्य अंगुलिकाओं का संचयन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
उन्होंने गोमती नदी के थौरी घाट के लिए मत्स्य अंगुलिकाएं ले जाने वाले वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। शैक्षणिक मत्स्य प्रक्षेत्र तथा गोमती नदी के थौरी घाट पर कुल 60 हजार भारतीय मेजर कार्प प्रजाति की मत्स्य अंगुलिकाओं का संचयन किया गया। कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि प्राकृतिक जल स्रोतों में भारतीय कार्प प्रजातियों का नियमित संचयन जैव विविधता के संरक्षण, जलीय पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन तथा मत्स्य संसाधनों के सतत विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रयास भविष्य में उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि का भी माध्यम बनेंगे। कुलपति ने जलीय पर्यावरण को स्वच्छ एवं संतुलित बनाए रखते हुए वैज्ञानिक पद्धति से मत्स्य उत्पादन बढ़ाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मात्स्यिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. सी.पी. सिंह के संयोजन में यह विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर डॉ. राधाकृष्णन, डॉ. दिनेश कुमार, श्री सुनील कांत वर्मा, डॉ. शशांक सिंह, डॉ. ज्योति सरोज, श्री प्रदीप मौर्य, श्री अजय कुमार यादव, डॉ. सुमित, आर्या सिंह, डॉ. सुमन डे सहित मात्स्यिकी महाविद्यालय के शिक्षक, वैज्ञानिक, कर्मचारी एवं परास्नातक के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



