राम मंदिर चढ़ावा और किसानों की खाद के मुद्दे पर गरमाई यूपी राजनीति, आराधना मिश्रा मोना ने योगी सरकार पर लगाए बड़े आरोप
उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र समय से पहले स्थगित होने पर कांग्रेस नेता आराधना मिश्रा मोना ने योगी सरकार पर राम मंदिर चढ़ावा, किसानों की खाद संकट और जनहित के मुद्दों पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया। उन्होंने निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग की।

लखनऊ :
उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र निर्धारित समय से पहले अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने योगी आदित्यनाथ सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार जनता से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा से बच रही है।
आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि कांग्रेस ने विधानसभा में नियम 311 और नियम 56 के तहत रामलला मंदिर में चढ़ावे और चंदे में कथित अनियमितताओं तथा किसानों के लिए खाद की कमी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की मांग की थी। लेकिन सरकार ने इन विषयों पर बहस कराने के बजाय विधानसभा का सत्र समय से पहले स्थगित कर दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन नहीं कर रही है और जनहित से जुड़े सवालों पर जवाब देने से बच रही है। उनका कहना था कि जब सरकार के पास स्पष्ट बहुमत है, तो उसे सदन में चर्चा से परहेज नहीं करना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने रामलला मंदिर के चढ़ावे, चंदे, भूमि खरीद, आयोजनों और खर्च से जुड़े मामलों में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार इस पूरे मामले में जवाबदेही तय करने से बच रही है।
आराधना मिश्रा मोना ने किसानों को खाद की उपलब्धता, छात्रों से जुड़े मुद्दों और अन्य जनहित के विषयों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार इन मुद्दों पर सदन में चर्चा नहीं कराना चाहती। उन्होंने सवाल उठाया कि जब विधानसभा का मानसून सत्र 6 अगस्त तक निर्धारित था, तो उसे समय से पहले समाप्त करने की आवश्यकता क्यों पड़ी।





