अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप से निर्दोषों की हत्या अमानवीय, अयोध्या श्रीराम मंदिर प्रकरण में असली दोषियों को बचाने का प्रयास बंद हो- प्रमोद तिवारी
राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने अमेरिका के सैन्य हस्तक्षेप की आलोचना करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया। अयोध्या श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी मामले में उन्होंने सीईओ चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए वास्तविक दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

लालगंज, प्रतापगढ़।
राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने अमेरिका द्वारा सैन्य हस्तक्षेप के जरिए निर्दोष नागरिकों की हत्या को अमानवीय करार देते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच अमेरिका द्वारा गाजा, ईरान और लेबनान जैसे क्षेत्रों में हजारों किलोमीटर दूर से आकर सैन्य शक्ति का इस्तेमाल करना अंतरराष्ट्रीय कानून की भावना के विपरीत है।
सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि किसी भी देश को अंतरराष्ट्रीय कानून की अनदेखी करते हुए सैन्य शक्ति के दुरुपयोग का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि वैश्विक मुद्दों पर निर्णय लेने का अधिकार संयुक्त राष्ट्र संघ जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का है।
वहीं अयोध्या स्थित भगवान श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले को लेकर मंदिर ट्रस्ट में नए सीईओ के चयन की शुरू हुई प्रक्रिया पर भी प्रमोद तिवारी ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे जनता को भ्रमित करने और वास्तविक अपराधियों को बचाने का प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार लोगों को यह स्पष्ट करना चाहिए कि असली दोषी कौन हैं और वे कहां हैं।
प्रमोद तिवारी ने कहा कि जब भगवान श्रीराम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन हुआ था, तब मंदिर निर्माण कार्य पूरी तरह पूरा नहीं हुआ था। उन्होंने दावा किया कि उस समय मंडप निर्माण और ध्वज स्थापना जैसे कार्य शेष थे, बावजूद इसके राजनीतिक हितों को ध्यान में रखते हुए जल्दबाजी में प्राण प्रतिष्ठा कराई गई।
उन्होंने कहा कि देश के कई लोगों की राय थी कि भगवान श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा की प्रक्रिया शंकराचार्यों और धार्मिक परंपराओं के अनुरूप पूरी होनी चाहिए थी।
श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी प्रकरण पर सांसद ने कहा कि वास्तविक अपराधियों को पकड़ने के बजाय जिम्मेदार लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि निष्पक्ष जांच हुई और सही दोषी पकड़े गए तो कई प्रभावशाली सफेदपोश लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि मामले में दोषियों को बचाने के बजाय निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए वास्तविक अपराधियों को कानून के कटघरे में लाया जाए।
सांसद प्रमोद तिवारी का यह बयान रविवार को उनके मीडिया प्रभारी ज्ञान प्रकाश शुक्ल के माध्यम से जारी किया गया।





