
अयोध्या।
डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के 31वें दीक्षांत समारोह के उपलक्ष्य में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला का सोमवार को शुभारंभ हुआ। नवीन परिसर स्थित कौटिल्य प्रशासनिक भवन सभागार में आयोजित समारोह में कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने भाषण एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता के विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।
कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री वितरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास का उत्सव है। उन्होंने कहा कि भाषण और वाद-विवाद जैसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, तार्किक चिंतन, प्रभावी अभिव्यक्ति और स्वस्थ लोकतांत्रिक संवाद की भावना को मजबूत करती हैं। आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल पुस्तक ज्ञान पर्याप्त नहीं, बल्कि अपने विचारों को तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करना भी आवश्यक है।
कुलसचिव विनय कुमार सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य परिसर और संबद्ध महाविद्यालयों के सभी विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के समान अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि मुख्य दीक्षांत समारोह तक प्रतिदिन विभिन्न सांस्कृतिक और बौद्धिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
वाद-विवाद प्रतियोगिता के विजेता
- प्रथम: श्रेया श्रीवास्तव (एमएससी भौतिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, विश्वविद्यालय परिसर)
- द्वितीय: राहुल कुमार (बीटेक)
- तृतीय: श्रेया (बीएससी, के.एस. साकेत पीजी कॉलेज)
भाषण प्रतियोगिता के विजेता
- प्रथम: अंचल मिश्रा (बी.एन. पीजी कॉलेज, अंबेडकर नगर)
- द्वितीय: प्राची मिश्रा (के.एस. साकेत पीजी कॉलेज)
- तृतीय: आस्था गुप्ता (बीए प्रथम वर्ष, आवासीय परिसर)
प्रतियोगिता का मूल्यांकन डॉ. शशिकला सिंह, डॉ. अंकित मिश्र और डॉ. शिवांश कुमार के निर्णायक मंडल ने किया। कार्यक्रम के सफल संचालन में डॉ. स्नेहा पटेल और डॉ. स्वाति सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इस अवसर पर समिति के संयोजक प्रो. हिमांशु शेखर सिंह, प्रो. नीलम पाठक, डॉ. मनीष सिंह, प्रवीण मिश्रा, निहारिका और शुभम सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।





