जौहर यूनिवर्सिटी नोटिस पर बाराबंकी में सियासत तेज, सपा अल्पसंख्यक सभा ने सौंपा ज्ञापन
बाराबंकी में जौहर यूनिवर्सिटी के 38 ब्लॉकों पर सरकारी नोटिस के विरोध में समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यक सभा ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। इस बीच औकाफ संपत्तियों पर कथित अतिक्रमण को लेकर राजनीतिक सक्रियता पर भी सवाल उठे।

बाराबंकी।
मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के 38 ब्लॉकों को लेकर जारी सरकारी नोटिस के बाद बाराबंकी में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी की अल्पसंख्यक सभा ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर उत्तर प्रदेश के राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा और विश्वविद्यालय के खिलाफ प्रस्तावित कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की।
सपा अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष इंतिखाब आलम नोमानी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। ज्ञापन में विश्वविद्यालय से जुड़े मामले का समाधान वैधानिक और न्यायसंगत प्रक्रिया के तहत किए जाने की मांग उठाई गई।
औकाफ संपत्तियों को लेकर भी उठे सवाल
इस घटनाक्रम के बीच स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी रही कि जिले में वर्षों से औकाफ संपत्तियों, कब्रिस्तानों और करबला की जमीनों पर कथित अतिक्रमण के मुद्दे उठते रहे हैं, लेकिन उन मामलों में व्यापक राजनीतिक आंदोलन देखने को नहीं मिला। जौहर यूनिवर्सिटी के मुद्दे पर अचानक बढ़ी राजनीतिक सक्रियता को लेकर विभिन्न स्तरों पर सवाल भी उठाए जा रहे हैं।
कई प्रमुख नेता कार्यक्रम से रहे दूर
प्रदर्शन में हुमायूं नईम खान, हिमांशु यादव, नसीम कीर्ति, कामता प्रसाद यादव, विजय कुमार यादव, अजय कुमार वर्मा (बब्लू), प्रद्युम्न यादव, जितेंद्र पटेल, क्यूम प्रधान, मोहम्मद अकरम अंसारी, अब्दुल रहीम, परवेज अहमद, सीतासरन यादव, रामशंकर यादव, राजेंद्र यादव और फैसल अंसारी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
प्रदर्शन के बाद पार्टी कार्यालय में इंतिखाब आलम नोमानी का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। वहीं राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी रही कि जिले के कुछ प्रमुख नेताओं और जनप्रतिनिधियों की कार्यक्रम में अनुपस्थिति ने कई तरह की अटकलों को जन्म दिया।
नोट: इस समाचार में औकाफ संपत्तियों और राजनीतिक सक्रियता से जुड़े उल्लेख स्थानीय चर्चाओं और प्रस्तुत दावों पर आधारित हैं। संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने पर समाचार को अद्यतन किया जा सकता है।





