नंद बाबा दुग्ध मिशन की ई-लॉटरी में 28 पशुपालकों का चयन, स्वदेशी गाय खरीदने पर मिलेगा 80 हजार तक अनुदान
फतेहपुर में नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना की ई-लॉटरी संपन्न हुई। 157 आवेदकों में से 28 पशुपालकों का चयन किया गया है। लाभार्थियों को स्वदेशी गाय खरीदने पर 80 हजार रुपये तक अनुदान मिलेगा।

फतेहपुर।
जिले में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और स्वदेशी नस्ल की गायों के संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए संचालित नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत शुक्रवार को मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना की ई-लॉटरी प्रक्रिया पूरी की गई।
कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में पारदर्शी तरीके से ई-लॉटरी के माध्यम से 28 लाभार्थियों का चयन किया गया।
157 पात्र आवेदकों में से 14 महिला और 14 पुरुष चुने गए
योजना के तहत जिले से कुल 157 पात्र आवेदन प्राप्त हुए थे। ऑनलाइन ई-लॉटरी प्रक्रिया के जरिए निर्धारित लक्ष्य के अनुसार 28 पशुपालकों का चयन किया गया।
इनमें—
- 14 महिला पशुपालक
- 14 पुरुष पशुपालक
शामिल हैं।
स्वदेशी गाय खरीदने पर मिलेगा 80 हजार रुपये तक अनुदान
नोडल अधिकारी राजेश कुमार प्रजापति ने बताया कि योजना के तहत एक इकाई की लागत 2 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इसमें चयनित लाभार्थियों को अधिकतम 80 हजार रुपये तक का अनुदान डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे बैंक खाते में दिया जाएगा।
लाभार्थियों को प्रदेश के बाहर से स्वदेशी नस्ल की गाय खरीदनी होगी। इसमें प्रमुख रूप से—
- गिर
- साहिवाल
- हरियाणा
- थारपारकर
जैसी नस्लों को शामिल किया गया है।
गाय खरीद के बाद जमा करने होंगे जरूरी दस्तावेज
योजना का लाभ लेने के लिए चयनित पशुपालकों को गाय खरीदने के बाद विभाग को कई आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। इनमें—
- ट्रांसपोर्ट बिल
- ईयर टैगिंग प्रमाण
- स्वास्थ्य प्रमाणपत्र
- तीन वर्ष का बीमा दस्तावेज
शामिल हैं।
डीएम ने दिए एक माह में गाय खरीदने के निर्देश
जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चयनित लाभार्थियों की सहायता के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाए, जिससे उन्हें गाय खरीदने और योजना से जुड़ी औपचारिकताओं में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उन्होंने सभी चयनित पशुपालकों को निर्देश दिया कि वे एक माह के भीतर स्वदेशी नस्ल की गाय खरीदकर सभी जरूरी अभिलेख विभाग को उपलब्ध कराएं, ताकि अनुदान की प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके।
दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
नंद बाबा दुग्ध मिशन का उद्देश्य स्वदेशी नस्ल की गायों को बढ़ावा देना, दुग्ध उत्पादन बढ़ाना और पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है। योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आर्थिक मजबूती को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में अधिकारी और लाभार्थी रहे मौजूद
कार्यक्रम में जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, समिति सदस्य सुरेश कुमार सिंह, वरिष्ठ दुग्ध निरीक्षक हेमंत मिश्रा सहित अन्य विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में पात्र आवेदक मौजूद रहे।





