
नई दिल्ली। भारतीय रेलवे लंबी दूरी और प्रीमियम ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिए बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। रेलवे बोर्ड ने देशभर में प्रायोगिक आधार पर दिए गए 300 से अधिक अतिरिक्त स्टॉपेज की समीक्षा के बाद उन्हें चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की योजना बनाई है। इस व्यवस्था के अक्टूबर 2026 तक लागू होने की संभावना है। इससे कई ट्रेनों के यात्रा समय में 15 से 45 मिनट तक की कमी आ सकती है।
क्यों हटाए जा रहे हैं अतिरिक्त स्टॉपेज?
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2021 से 2025 के बीच स्थानीय जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रीय मांग के आधार पर कई स्टेशनों पर ट्रेनों के अस्थायी ठहराव दिए गए थे। इन स्टॉपेज की अवधि पूरी होने के बाद रेलवे ने उनकी व्यावसायिक उपयोगिता की समीक्षा की।
समीक्षा में पाया गया कि कई स्टॉपेज पर यात्रियों की संख्या रेलवे के तय मानक, यानी प्रति ट्रेन प्रतिदिन कम से कम 15 टिकट, से काफी कम थी। ऐसे में इन ठहरावों से समय और ईंधन दोनों का नुकसान हो रहा था।
यात्रियों को क्या होगा फायदा?
रेलवे के अनुसार, किसी प्रीमियम ट्रेन को एक स्टेशन पर रोकने और दोबारा अपनी निर्धारित गति तक पहुंचने में 5 से 7 मिनट का अतिरिक्त समय लगता है।
यदि किसी रूट पर 3 से 4 गैर-जरूरी स्टॉपेज हटाए जाते हैं, तो:
- यात्रा समय 15 से 45 मिनट तक कम हो सकता है।
- ट्रेनों की समयपालन (Punctuality) में सुधार होगा।
- ईंधन और बिजली की खपत में कमी आएगी।
- मुख्य रेल मार्गों पर परिचालन अधिक सुचारु होगा।
ईंधन और बिजली की भी होगी बचत
रेलवे की तकनीकी रिपोर्ट के अनुसार, एक अतिरिक्त ठहराव हटने पर प्रति ट्रेन लगभग:
- 300 से 350 यूनिट बिजली, या
- 20 से 25 लीटर डीजल
की बचत हो सकती है। इससे रेलवे के परिचालन खर्च में भी कमी आने की उम्मीद है।
किन ट्रेनों पर पड़ सकता है असर?
रिपोर्ट के अनुसार, इस समीक्षा के दायरे में कई प्रमुख प्रीमियम ट्रेनें शामिल हैं, जिनमें:
- स्वर्ण जयंती राजधानी
- अजमेर शताब्दी
- अमृतसर शताब्दी
- देहरादून दुरंतो
- भोपाल वंदे भारत
- अजमेर वंदे भारत
- देहरादून वंदे भारत
जैसे प्रमुख रूट शामिल बताए जा रहे हैं। इन ट्रेनों के कम उपयोग वाले प्रायोगिक स्टॉपेज हटाए जा सकते हैं।
रेलवे का उद्देश्य
रेलवे का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य ट्रेनों की गति बढ़ाना, समयपालन में सुधार करना और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है। हालांकि, किन-किन स्टेशनों के स्टॉपेज हटाए जाएंगे, इसका अंतिम निर्णय समीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लागू किया जाएगा।





