नव निर्वाचित सांसदों के मार्गदर्शक बने प्रमोद तिवारी, संसदीय मंच पर बढ़ा प्रतापगढ़ का सम्मान
नई दिल्ली के पार्लियामेंट्री एनेक्सी में आयोजित राज्यसभा के नव निर्वाचित सांसदों के विषय बोध कार्यक्रम में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने संसदीय कार्यप्रणाली, विधायी प्रक्रिया और जनहित के मुद्दों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। राज्यसभा सचिवालय द्वारा विपक्ष की ओर से उनके चयन को प्रतापगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

लालगंज, प्रतापगढ़।
राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता एवं वरिष्ठ सांसद प्रमोद तिवारी ने अपने लंबे संसदीय अनुभव से एक बार फिर प्रतापगढ़ का मान बढ़ाया है। नई दिल्ली स्थित पार्लियामेंट्री एनेक्सी में राज्यसभा के नव निर्वाचित सांसदों के लिए आयोजित विशेष विषय बोध कार्यक्रम में उन्होंने संसदीय कार्यप्रणाली, विधायी प्रक्रिया और संसदीय आचरण पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया।
राज्यसभा सचिवालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य नव निर्वाचित सांसदों को संसद की कार्यवाही, नियमों और विधायी प्रक्रियाओं से परिचित कराना था। विपक्ष की ओर से इस महत्वपूर्ण सत्र में उद्बोधन के लिए केवल प्रमोद तिवारी का चयन किया जाना प्रतापगढ़ के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है। उनके चयन की जानकारी सामने आने के बाद जिले के प्रबुद्ध वर्ग, समर्थकों और कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा गया।
अपने संबोधन में प्रमोद तिवारी ने नए सांसदों को संसद के नियमों, सदन की गरिमा और संसदीय परंपराओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने प्रश्नकाल में जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने की प्रक्रिया समझाई तथा सांसद निधि का जनकल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शी और प्रभावी उपयोग करने के संबंध में भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
कार्यक्रम के दौरान नव निर्वाचित सांसदों ने प्रमोद तिवारी के संसदीय अनुभव से जुड़े कई प्रश्न भी पूछे, जिनका उन्होंने विस्तार से उत्तर दिया। सांसदों की जिज्ञासाओं और संवाद के कारण उनका निर्धारित 30 मिनट का सत्र बढ़कर लगभग सवा घंटे तक चला।
प्रमोद तिवारी वर्तमान में राज्यसभा की इथिक्स कमेटी की सलाहकार समिति के सदस्य भी हैं। कार्यक्रम में सत्ता और विपक्ष दोनों पक्षों के नव निर्वाचित सांसदों ने उनके अनुभवपूर्ण मार्गदर्शन की सराहना की। संसदीय विषयों पर उनकी गहन जानकारी और सहज प्रस्तुति ने कार्यक्रम को विशेष रूप से प्रभावी बना दिया।
सांसद प्रमोद तिवारी के मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि राज्यसभा सचिवालय द्वारा इस महत्वपूर्ण परिचर्चा में प्रमोद तिवारी को वक्ता के रूप में आमंत्रित किया जाना न केवल उनके संसदीय अनुभव का सम्मान है, बल्कि प्रतापगढ़ के लिए भी एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण उपलब्धि है।





