यूपी विधानसभा का मानसून सत्र आज से, सत्ता पक्ष और विपक्ष ने तय की रणनीति
उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सकारात्मक चर्चा की अपील की, जबकि अखिलेश यादव ने शिक्षा, किसान, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति का ऐलान किया।

लखनऊ।
उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र आज (3 अगस्त) से शुरू हो रहा है। सत्र शुरू होने से पहले आयोजित सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी राजनीतिक दलों से लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन करते हुए जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा करने की अपील की। दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी ने शिक्षा, किसानों, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति स्पष्ट कर दी है।
सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री की अपील
सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विधानसभा लोकतांत्रिक विमर्श का सर्वोच्च मंच है और यहां होने वाली चर्चा प्रदेश के विकास की दिशा तय करती है। उन्होंने सभी दलों से सदन की गरिमा बनाए रखते हुए जनता से जुड़े मुद्दों पर रचनात्मक और सकारात्मक चर्चा करने का आग्रह किया।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने विधान परिषद भवन में नवनिर्मित और नवीनीकृत सुविधाओं का लोकार्पण भी किया। इस दौरान उन्होंने नवीनीकृत गलियारे, पुस्तकालय, सभा मंडप और आधुनिक संवाद कक्ष का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सुविधाओं से जनप्रतिनिधियों के कार्य निष्पादन और संसदीय कार्यप्रणाली को मजबूती मिलेगी।
सपा का ऐलान, इन मुद्दों पर सरकार से मांगा जाएगा जवाब
उधर, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रेसवार्ता में कहा कि उनकी पार्टी मानसून सत्र में शिक्षा, किसानों, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था, महंगाई और विकास कार्यों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में सरकारी विद्यालय बंद या विलय किए गए हैं, जिससे लाखों विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। साथ ही शिक्षकों के रिक्त पद, भर्ती प्रक्रिया, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए।
किसान, बिजली और विकास परियोजनाएं भी रहेंगी चर्चा में
अखिलेश यादव ने किसानों को खाद की उपलब्धता, बढ़ती खेती लागत, डीजल-पेट्रोल की कीमतों और कर्जमाफी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी बिजली दरों में वृद्धि, एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं, राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण और जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े विषयों को भी सदन में उठाएगी।
सदन में तीखी बहस के आसार
मानसून सत्र से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपनी-अपनी रणनीति सार्वजनिक कर दी है। ऐसे में शिक्षा, कृषि, रोजगार, कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार और विकास कार्यों जैसे मुद्दों पर विधानसभा में जोरदार बहस होने की संभावना है। सरकार अपनी योजनाओं और उपलब्धियों को सदन में रखेगी, जबकि विपक्ष विभिन्न जनहित के मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने की तैयारी में है।





