लखनऊ हत्याकांड का खुलासा: प्रेम संबंध के शक में पत्नी की हत्या, शव गोमती नदी में फेंका, पति और महिला मित्र गिरफ्तार
लखनऊ के रहीमाबाद में महिला की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा किया। पुलिस के अनुसार पति और उसकी महिला मित्र को हत्या और शव गोमती नदी में फेंकने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। 8 से 10 लाख रुपये के आभूषण भी बरामद किए गए।

लखनऊ।
राजधानी के रहीमाबाद क्षेत्र में एक महिला की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए मृतका के पति और उसकी महिला मित्र को गिरफ्तार किया है। पुलिस का आरोप है कि दोनों ने मिलकर महिला की हत्या की और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को गोमती नदी में फेंक दिया। मामले में पुलिस ने मृतका के करीब 8 से 10 लाख रुपये मूल्य के 32 आभूषण, दो मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त कार भी बरामद की है।
गुमशुदगी की रिपोर्ट के बाद हत्या का खुलासा
पुलिस के अनुसार, सहिजना गांव निवासी उमेन्द्र प्रताप सिंह ने 30/31 जुलाई की रात अपनी पत्नी अंजली सिंह के लापता होने की सूचना रहीमाबाद थाने में दर्ज कराई थी। इसी बीच इटौंजा क्षेत्र में गोमती नदी से एक महिला का शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान अंजली सिंह के रूप में हुई।
इसके बाद मृतका के भाई की शिकायत पर हत्या और साक्ष्य मिटाने सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस का दावा, तकनीकी जांच से सामने आई साजिश
पुलिस ने बताया कि मोबाइल लोकेशन, सर्विलांस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई। पूछताछ के दौरान पुलिस का दावा है कि आरोपी पति ने अपनी महिला मित्र आरती वर्मा के साथ मिलकर हत्या की साजिश रचने की बात स्वीकार की।
पुलिस के अनुसार, मृतका को दोनों के कथित संबंधों की जानकारी हो गई थी और वह इसका विरोध कर रही थी। इसी वजह से 30/31 जुलाई की रात उसकी हत्या कर दी गई। आरोप है कि इसके बाद शव को कार से इटौंजा क्षेत्र ले जाकर गोमती नदी में फेंक दिया गया, ताकि घटना को गुमशुदगी या दुर्घटना का रूप दिया जा सके।
32 आभूषण और कार बरामद
जांच के दौरान पुलिस ने आरती वर्मा को भी गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से मृतका के 32 सोने और चांदी के आभूषण, दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की गई। बरामद जेवरों की अनुमानित कीमत 8 से 10 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी उमेन्द्र प्रताप सिंह निजी कार किराये पर चलाने का काम करता है, जबकि आरती वर्मा एक कॉल सेंटर में कार्यरत है। पुलिस ने बताया कि उमेन्द्र प्रताप के खिलाफ हरदोई जिले में पहले से एक आपराधिक मामला दर्ज है। मामले की विवेचना जारी है।





