
अयोध्या।
हर घर तिरंगा अभियान को लेकर अयोध्या में महिला स्वयं सहायता समूहों ने कमर कस ली है। जिले में 2.50 लाख राष्ट्रीय ध्वज तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इस अभियान में 86 स्वयं सहायता समूहों की 309 महिलाएं जुटी हुई हैं। अब तक 73,390 तिरंगे तैयार किए जा चुके हैं और बाकी झंडों का निर्माण तेजी से जारी है।
772 ग्राम पंचायतों तक पहुंचेंगे तिरंगे
अयोध्या जिले के 11 विकासखंडों की 772 ग्राम पंचायतों तक तिरंगा पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। महिला स्वयं सहायता समूहों को अलग-अलग क्षेत्रों में झंडे तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।
अभियान के तहत महिलाएं घर और स्थानीय स्तर पर तिरंगे तैयार कर रही हैं। इससे हर घर तिरंगा अभियान को गति मिलने के साथ महिलाओं को आय का अवसर भी मिल रहा है।
आत्मनिर्भरता के साथ राष्ट्रभक्ति का संदेश
महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं तिरंगा निर्माण के जरिए आर्थिक आत्मनिर्भरता और राष्ट्रभक्ति को एक साथ आगे बढ़ा रही हैं। समूह की महिलाएं झंडे तैयार कर आय अर्जित कर रही हैं और साथ ही हर घर तक तिरंगा पहुंचाने में योगदान दे रही हैं।
जिला मिशन प्रबंधक सरिता वर्मा ने कहा कि अयोध्या की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अपने हुनर और मेहनत से परिवार की आय बढ़ाने के साथ राष्ट्रभक्ति की भावना को भी नई ऊंचाई दे रही हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के हाथों से तैयार होने वाला प्रत्येक तिरंगा उनके परिश्रम, स्वाभिमान और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है। इस अभियान से महिलाओं में नेतृत्व और आत्मविश्वास की भावना भी मजबूत हो रही है।
किस विकासखंड में कितने तिरंगे बनाने का लक्ष्य?
अयोध्या के विभिन्न विकासखंडों के लिए तिरंगा निर्माण का लक्ष्य तय किया गया है:
- तारुन: 97 ग्राम पंचायतें, 31,331 तिरंगे
- रुदौली: 89 ग्राम पंचायतें, 28,991 तिरंगे
- मयाबाजार: 83 ग्राम पंचायतें, 26,809 तिरंगे
- मिल्कीपुर: 77 ग्राम पंचायतें, 25,071 तिरंगे
- बीकापुर: 75 ग्राम पंचायतें, 24,325 तिरंगे
- अमानीगंज: 73 ग्राम पंचायतें, 23,579 तिरंगे
- हैरिंग्टनगंज: 60 ग्राम पंचायतें, 19,480 तिरंगे
- मसौधा: 57 ग्राम पंचायतें, 18,411 तिरंगे
- सोहावल: 56 ग्राम पंचायतें, 18,088 तिरंगे
- पूराबाजार: 54 ग्राम पंचायतें, 17,442 तिरंगे
- मवई: 51 ग्राम पंचायतें, 16,473 तिरंगे
अमानीगंज में 41 और मसौधा में 42 समूह सदस्य तिरंगा निर्माण में सक्रिय रूप से जुटे हैं।
राज्य स्तरीय टीम ने किया निरीक्षण
तिरंगा निर्माण की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लेने के लिए राज्य स्तरीय टीम ने गांवों में पहुंचकर स्वयं सहायता समूहों के काम का निरीक्षण किया।
मिशन प्रबंधक राज बहादुर और मिशन एग्जिक्यूटिव अवनीश पाण्डेय ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे तिरंगों का अवलोकन किया। टीम ने निर्धारित मानकों के अनुसार झंडे तैयार करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और महिलाओं को गुणवत्ता के साथ अधिक से अधिक तिरंगे तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया।
गुणवत्ता पर विशेष ध्यान
उप आयुक्त स्वतः रोजगार सरिता गुप्ता ने बताया कि तिरंगा निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। निर्धारित मानकों के अनुरूप ही राष्ट्रीय ध्वज तैयार किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि शेष लक्ष्य को जल्द पूरा करने के लिए स्वयं सहायता समूहों को अतिरिक्त सहयोग भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
अयोध्या में महिला समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे ये तिरंगे हर घर तिरंगा अभियान को मजबूती देने के साथ महिलाओं की सामूहिक शक्ति और आत्मनिर्भरता का संदेश भी देंगे।





