टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का प्रदर्शन, फूलपुर सांसद प्रवीण पटेल को सौंपा ज्ञापन
प्रयागराज में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने कार्यरत शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता के विरोध में फूलपुर सांसद प्रवीण पटेल को ज्ञापन सौंपा। सांसद ने शिक्षक हितों का मुद्दा संसद में उठाने का आश्वासन दिया।

प्रयागराज।
कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी (Teacher Eligibility Test) अनिवार्य किए जाने के विरोध में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने आंदोलन तेज कर दिया है। संघ के पदाधिकारियों ने जिलाध्यक्ष शंकर चन्द्र द्विवेदी के नेतृत्व में फूलपुर सांसद प्रवीण पटेल को ज्ञापन सौंपकर शिक्षक हित में संसद में इस मुद्दे को उठाने की मांग की।
शिक्षक नेताओं ने कहा कि सेवारत शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्य किए जाने का निर्णय लाखों शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए चिंता का विषय बन गया है। उन्होंने सांसद से इस संबंध में केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी पहल करने का अनुरोध किया।
सांसद ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
ज्ञापन प्राप्त करने के बाद सांसद प्रवीण पटेल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि शिक्षकों की मांगों और उनकी समस्याओं को उचित मंच पर उठाने का प्रयास किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद तेज हुआ विरोध
शिक्षक संघ के अनुसार, 1 सितंबर 2025 को आए उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद से सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य किए जाने का मुद्दा सामने आया है। संगठन का दावा है कि इससे देशभर के बड़ी संख्या में शिक्षकों की नौकरी और आजीविका पर असर पड़ सकता है। इसी के विरोध में शिक्षक पिछले एक वर्ष से विभिन्न स्तरों पर आंदोलन कर रहे हैं।
संघ ने बताया कि अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में संसद के मानसून सत्र के दौरान देशभर के सांसदों को ज्ञापन सौंपने का अभियान चलाया जा रहा है।
कार्यक्रम में शिक्षक पदाधिकारी रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान मंडलीय मंत्री अरविंद मिश्र, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष अब्दुल कुद्दूस खान, उपाध्यक्ष हरनाम सिंह, संयुक्त मंत्री मनोज कुमार पाण्डेय, देवेन्द्र सिंह, मनोज कुमार शुक्ल, मोहन राम, अपर्णा योगेश्वर, सूर्यभान सिंह सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।





