ताज़ा ख़बरप्रतापगढ़

आंगनबाड़ी चयन में गड़बड़ी का शक, शिवगढ़ में 3 चयनित कार्यकत्रियों का कार्यभार रोका

प्रतापगढ़ के शिवगढ़ में आंगनबाड़ी चयन में गड़बड़ी की आशंका पर 3 चयनित कार्यकत्रियों का कार्यभार रोक दिया गया है। दस्तावेजों की जांच जारी, सड़वा चंडिका में आरक्षण पर भी सवाल।

प्रतापगढ़।

जिले में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के चयन को लेकर उठ रहे सवाल अब गंभीर होते जा रहे हैं। चयन प्रक्रिया में अनियमितता और दस्तावेजों में गड़बड़ी की आशंका के बीच शिवगढ़ परियोजना में चयनित तीन आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का कार्यभार फिलहाल रोक दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद ही कार्यभार ग्रहण कराने पर निर्णय लिया जाएगा।

शिवगढ़ परियोजना की सीडीपीओ रागिनी कौशिक ने तीन चयनित कार्यकत्रियों का कार्यभार रोके जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि संबंधित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया गलत कागजात के आधार पर चयन होने की आशंका के चलते फिलहाल कार्यभार नहीं सौंपा गया है।

चयन के बाद दस्तावेजों की जांच पर उठे सवाल

तीन चयनित कार्यकत्रियों का कार्यभार रोके जाने के बाद चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। यदि चयन के बाद दस्तावेजों की वैधता को लेकर जांच की जरूरत पड़ रही है तो यह सवाल भी उठ रहा है कि चयन समिति ने चयन प्रक्रिया पूरी करने से पहले अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का पर्याप्त सत्यापन किया था या नहीं।

अब जांच में यह स्पष्ट होना है कि संबंधित दस्तावेज वास्तव में सही हैं या चयन प्रक्रिया में किसी स्तर पर लापरवाही हुई है।

सड़वा चंडिका में आरक्षण को लेकर भी आरोप

शिवगढ़ के बाद सड़वा चंडिका परियोजना में भी आंगनबाड़ी चयन को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि यहां आरक्षण के नियमों और रोस्टर में कथित मनमानी कर चयन किया गया। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

ऐसे में सड़वा चंडिका परियोजना में चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों के साथ आरक्षण रोस्टर और चयन प्रक्रिया के रिकॉर्ड की जांच महत्वपूर्ण हो सकती है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरक्षण नियमों का पालन हुआ या नहीं।

शासन ने मांगी थी जांच रिपोर्ट

आंगनबाड़ी चयन में कथित अनियमितताओं का मामला शासन स्तर तक पहुंचने की भी बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि शासन की ओर से जिला कार्यक्रम अधिकारी से दो दिन के भीतर जांच रिपोर्ट मांगी गई थी। निर्धारित समय बीतने के बावजूद रिपोर्ट शासन को भेजे जाने की जानकारी सामने नहीं आई है।

इससे जांच की गति और कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि रिपोर्ट लंबित रहने के कारणों को लेकर विभाग की ओर से स्थिति स्पष्ट किया जाना बाकी है।

जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

शिवगढ़ में तीन चयनित कार्यकत्रियों का कार्यभार रोका जाना, दस्तावेजों की जांच, सड़वा चंडिका में आरक्षण को लेकर सामने आए आरोप और शासन स्तर पर मांगी गई जांच रिपोर्ट ने आंगनबाड़ी चयन प्रक्रिया को सवालों के घेरे में ला दिया है।

अब निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। यदि दस्तावेजों की जांच या आरक्षण रोस्टर की पड़ताल में अनियमितता प्रमाणित होती है तो संबंधित चयन निरस्त किए जाने के साथ जिम्मेदार लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। फिलहाल किसी भी अभ्यर्थी या अधिकारी पर अनियमितता साबित नहीं हुई है और अंतिम स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

Girijesh Tiwari

गिरिजेश तिवारी वरिष्ठ एवं मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। उन्हें प्रिंट मीडिया में लंबे समय का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने हिन्दुस्तान, राष्ट्रीय सहारा और यूनाइटेड भारत जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में प्रतापगढ़ से दैनिक पॉड के संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।

संबंधित समाचार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button