सीएम योगी के दौरे पर सपा नेताओं की घेराबंदी, कई नेता हाउस अरेस्ट तो ज्ञापन देने जा रहे दो नेता हिरासत में
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रतापगढ़ दौरे के दौरान सपा नेताओं को हाउस अरेस्ट और हिरासत में लेने का आरोप। मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने जा रहे नेताओं को कार्यक्रम के बाद रिहा किया गया।

प्रतापगढ़। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनपद आगमन के दौरान समाजवादी पार्टी के नेताओं को पुलिस द्वारा हाउस अरेस्ट किए जाने और हिरासत में लेने का मामला सामने आया। सपा ने इसे विपक्ष की लोकतांत्रिक आवाज़ दबाने की कार्रवाई बताते हुए भाजपा सरकार पर राजनीतिक डर और लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाया। 
सपा के अनुसार, 248 सदर विधानसभा क्षेत्र से जुड़े अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव हरीश शुक्ला एडवोकेट को मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान पुलिस ने उनके आवास पर ही हाउस अरेस्ट कर दिया, जिससे वह किसी भी विरोध कार्यक्रम या ज्ञापन अभियान में शामिल नहीं हो सके।
इसी दौरान मुख्यमंत्री को जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर ज्ञापन देने जा रहे समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष आशुतोष पांडे तथा अधिवक्ता सभा के प्रदेश सचिव एवं सांसद मीडिया प्रभारी वकार अहमद को जीआईसी गेट के पास पुलिस ने रोककर हिरासत में ले लिया। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम समाप्त होने के बाद दोनों नेताओं को रिहा कर दिया गया।
सपा नेताओं का आरोप है कि आशुतोष पांडे को घर से बाहर निकलने से रोकने के लिए पहले से उनके आवास पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। इसके बावजूद वह किसी तरह जीआईसी परिसर तक पहुंच गए, जहां उन्हें वकार अहमद के साथ हिरासत में ले लिया गया।
सपा नेताओं के मुताबिक, वे मुख्यमंत्री को जिला चिकित्सालय एवं मेडिकल कॉलेज की अव्यवस्थाओं, एक्स-रे प्लेट और सीटी स्कैन रिपोर्ट की उपलब्धता, विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी, महिला अस्पताल के सफाई कर्मचारियों के लंबित वेतन, मेडिकल कॉलेज में कथित प्रशासनिक अनियमितताओं, आरटीओ कार्यालय की वीएलटीडी व्यवस्था, राष्ट्रीय परमिट संबंधी समस्याओं, मां बेल्हा देवी कॉरिडोर निर्माण में देरी, नगर की जलनिकासी व्यवस्था तथा जनपद में भ्रष्टाचार एवं प्रशासनिक लापरवाही की उच्चस्तरीय जांच की मांग से संबंधित ज्ञापन सौंपने जा रहे थे।
समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज़ दबाने के उद्देश्य से नेताओं को पहले ही रोक दिया गया। पार्टी का कहना है कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता।





