आजमगढ़ में डीजल टैंकर में भीषण आग: ट्रांसफार्मर से टक्कर के बाद चालक समेत 3 लोगों की जिंदा जलकर मौत, बिजली विभाग पर उठे सवाल
आजमगढ़ के जीयनपुर क्षेत्र में सड़क किनारे लगे ट्रांसफार्मर से डीजल टैंकर टकराने के बाद भीषण आग लग गई। हादसे में चालक समेत तीन लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया। प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं।

आजमगढ़:
जिले के जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। बिलरियागंज-जीयनपुर मार्ग पर मलतारी विद्युत उपकेंद्र के बांसगांव के पास सड़क किनारे स्थापित विद्युत ट्रांसफार्मर से डीजल से भरा टैंकर टकरा गया। टक्कर के तुरंत बाद ट्रांसफार्मर से निकली चिंगारी के कारण टैंकर में आग लग गई और कुछ ही क्षणों में पूरा वाहन आग का गोला बन गया। हादसे में चालक समेत तीन लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई।
मृतकों की हुई पहचान
पुलिस के अनुसार हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान प्रदीप कुमार (26) निवासी मेंहनगर, आजमगढ़, रामू यादव (करीब 20 वर्ष) निवासी फरेंदा, महराजगंज और पतीराज प्रसाद (करीब 32 वर्ष) निवासी फरेंदा, महराजगंज के रूप में हुई है। तीनों टैंकर के केबिन में फंस गए थे और आग की भयावहता के कारण बाहर नहीं निकल सके।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कैसे हुआ हादसा
स्थानीय लोगों के अनुसार ट्रांसफार्मर से टक्कर लगते ही तेज धमाके के साथ आग की ऊंची लपटें उठीं। आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास मौजूद ग्रामीण चाहकर भी किसी की जान नहीं बचा सके। देखते ही देखते पूरा टैंकर जलकर खाक हो गया।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लगाए गंभीर आरोप
हादसे के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि ट्रांसफार्मर सड़क के बेहद करीब स्थापित किया गया था और उसके चारों ओर कोई मजबूत सुरक्षा बैरियर नहीं था। उनका कहना है कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही लगातार होती है, ऐसे में सुरक्षा मानकों का पालन किया जाना चाहिए था।
हालांकि, ट्रांसफार्मर की स्थापना में किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं, इसका निर्णय प्रशासनिक जांच के बाद ही होगा।
घंटों की मशक्कत के बाद आग पर पाया गया काबू
घटना की सूचना मिलते ही जीयनपुर पुलिस, फायर ब्रिगेड और बिजली विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। सबसे पहले विद्युत आपूर्ति बंद कराई गई, जिसके बाद चार दमकल वाहनों ने कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझने के बाद टैंकर के केबिन से तीनों शव निकाले गए। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी
प्रशासन का कहना है कि हादसे के हर पहलू की जांच की जा रही है। यदि जांच में यह सामने आता है कि ट्रांसफार्मर सुरक्षा मानकों के विपरीत सड़क के अत्यधिक निकट लगाया गया था या आवश्यक सुरक्षा उपायों की अनदेखी हुई थी, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
फिलहाल यह हादसा सड़क सुरक्षा, विद्युत संरचनाओं की सुरक्षित स्थापना और सार्वजनिक सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।





