
फतेहपुर।
थाना समाधान दिवस पर शनिवार को जिले के थानों में फरियादियों की शिकायतें सुनने के लिए अधिकारी मौजूद रहे। मलवां थाने में जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स और पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनीं। अधिकारियों ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को शिकायतों का त्वरित, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराने के निर्देश दिए।
राजस्व और पुलिस की 133 शिकायतें पहुंचीं
थाना समाधान दिवस में जिलेभर से कुल 133 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इनमें 96 मामले राजस्व विभाग से संबंधित रहे, जबकि 37 शिकायतें पुलिस विभाग से जुड़ी थीं।
राजस्व टीम के साथ 10 शिकायतों का मौके पर निस्तारण कराया गया। वहीं पुलिस विभाग से संबंधित 19 प्रार्थना पत्रों का भी निस्तारण किया गया। इस तरह कुल 29 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि शेष शिकायतों पर कार्रवाई की जा रही है।
डीएम ने कहा, शिकायत लेकर आने वाले को बार-बार न भटकना पड़े
डीएम निधि गुप्ता वत्स ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि थाना समाधान दिवस में आने वाली प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने कहा कि फरियादी अपनी समस्या के समाधान की उम्मीद लेकर अधिकारियों के पास पहुंचता है, इसलिए उसे निस्तारण के लिए बार-बार कार्यालयों और थानों के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राजस्व और पुलिस से जुड़े मामलों में दोनों विभागों की संयुक्त कार्रवाई पर विशेष जोर दिया गया।
डीएम ने कहा कि जिन मामलों में दोनों विभागों की आवश्यकता है, वहां संयुक्त टीम मौके पर जाकर जांच करे और वास्तविक स्थिति के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करे।
छोटे विवादों को नजरअंदाज न करें अधिकारी
डीएम ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि छोटे विवादों को नजरअंदाज करना आगे चलकर भारी पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि समय रहते छोटे-छोटे विवादों का समाधान नहीं होने पर यही मामले बड़े विवाद का रूप ले सकते हैं।
उन्होंने अधिकारियों से प्रत्येक शिकायत को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ लेते हुए प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
एसपी ने निष्पक्ष जांच के दिए निर्देश
एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों की सुनवाई की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि फरियादियों की बात पूरी गंभीरता से सुनी जाए और शिकायतों की जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यपरक तरीके से की जाए।
एसपी ने कहा कि प्रत्येक मामले में नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि शिकायतकर्ता निस्तारण से संतुष्ट हो सके। उन्होंने किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।





