
मेरठ।
हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे शिवभक्तों की बढ़ती संख्या के साथ मेरठ में कांवड़ यात्रा अपने चरम की ओर बढ़ रही है। शहर के प्रमुख कांवड़ मार्गों पर भारी भीड़, सेवा शिविरों की तैयारियां और ट्रैफिक दबाव के बीच प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर निगरानी बढ़ा दी है। मंडलायुक्त ने 12 अगस्त तक अधिकारियों के मुख्यालय छोड़ने पर रोक लगा दी है।
कांवड़ मार्गों पर बढ़ी भीड़, 5 अगस्त से शुरू होंगे बड़े सेवा शिविर
मोदीपुरम बाईपास, टोल प्लाजा, बागपत बाईपास, दिल्ली रोड, रुड़की रोड, गढ़ रोड, परतापुर और कंकरखेड़ा समेत प्रमुख मार्गों पर शिवभक्तों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है।
कांवड़ियों की सेवा के लिए विभिन्न स्थानों पर शिविर लगाए जा रहे हैं, जहां पेयजल, दूध, भोजन, फल, दवाइयों और विश्राम की व्यवस्था की जा रही है। पंचक (1 से 4 अगस्त) के कारण अधिकांश बड़े सेवा शिविर 5 अगस्त से शुरू होंगे। वहीं औघड़नाथ मंदिर, जागेश्वरनाथ, बिल्वेश्वर महादेव और मनसा देवी मंदिर में जलाभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना भी शुरू हो गई है।
सोहराब गेट बस अड्डा फुल, गढ़ रोड पर लग रहा जाम
कांवड़ यात्रा के चलते भैंसाली और मेरठ डिपो की बसों का संचालन फिलहाल सोहराब गेट बस अड्डे से किया जा रहा है। बस अड्डा पूरी तरह भर जाने के कारण कई बसें सड़क किनारे खड़ी करनी पड़ रही हैं, जिससे गढ़ रोड पर लगातार जाम की स्थिति बनी हुई है।
सोहराब गेट से हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, दिल्ली, आगरा, बरेली, लखनऊ समेत कई शहरों के लिए बसों का संचालन जारी है। परिवहन निगम ने यात्रियों से यात्रा से पहले रूट प्लान की जानकारी लेने की अपील की है।
12 अगस्त तक अधिकारियों की छुट्टी और मुख्यालय छोड़ने पर रोक
कांवड़ मेले को देखते हुए मंडलायुक्त ने 12 अगस्त तक सभी अधिकारियों के मुख्यालय छोड़ने पर रोक लगा दी है।
नगर निगम को कांवड़ मार्गों की नियमित सफाई, ऊर्जा विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति और सेवा शिविरों में सुरक्षित अस्थायी विद्युत कनेक्शन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं रोडवेज के चालक, परिचालक और अन्य कर्मचारियों की छुट्टियां भी निरस्त कर दी गई हैं।





