अंतरराष्ट्रीय तेजस्वी सम्मान से सम्मानित हुए अर्पित सर्वेश, प्रतापगढ़ का बढ़ाया मान
प्रतापगढ़ के युवा साहित्यकार अर्पित सर्वेश को लखनऊ में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन में साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित 'अंतरराष्ट्रीय तेजस्वी सम्मान' से सम्मानित किया गया। 23 वर्षीय लेखक अब तक 33 पुस्तकें और 500 से अधिक कविताएं लिख चुके हैं।

प्रतापगढ। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में प्रतापगढ़ के युवा साहित्यकार, कवि एवं लेखक अर्पित सर्वेश (अर्पित शुक्ला) को साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान, निरंतर सृजनशीलता और युवाओं को साहित्य से जोड़ने के उल्लेखनीय प्रयासों के लिए प्रतिष्ठित “अंतरराष्ट्रीय तेजस्वी सम्मान” से सम्मानित किया गया।
इस उपलब्धि से पूरे प्रतापगढ़ जनपद में हर्ष का माहौल है और इसे जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
महज 23 वर्ष की आयु में अर्पित सर्वेश ने साहित्य जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है। 33 पुस्तकों के लेखन तथा 500 से अधिक कविताओं की रचना कर हिंदी और अंग्रेजी साहित्य को समृद्ध किया है।
सम्मान ग्रहण करने के बाद अर्पित सर्वेश ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि प्रतापगढ़ की साहित्यिक परंपरा, उत्तर प्रदेश की प्रतिभा, हिंदी भाषा और उन सभी पाठकों का सम्मान है, जिन्होंने उनके लेखन को स्नेह और समर्थन दिया।
यह सम्मान अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती साहित्य समिति द्वारा आयोजित समारोह में प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय राइफल शूटर दुर्गेश त्रिपाठी, अंतर्राष्ट्रीय महामंडलेश्वर महादेव बाबा, डॉ. साध्वी गैबरियल (लंदन), कवयित्री वंदना विशेष, कमोडोर (डॉ.) विजय शंकर बबेले, विश्व रिकॉर्ड धारक डॉ. अशोक पांडेय गुलशन, मंजुशा पवार, मीनू शर्मा और डॉ. निकेता सिंह सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. संजीव (सीआईएसएफ) ने किया, जबकि आयोजन डॉ. आरती दूबे (शुक्ला) एवं डॉ. प्रिया ठाकुर के निर्देशन में संपन्न हुआ।





