प्रतापगढ़ मेडिकल कॉलेज खरीद विवाद: विधायक की शिकायत पर शासन का बड़ा एक्शन, सभी भुगतानों पर रोक
प्रतापगढ़ के डॉ. सोनेलाल पटेल स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज में खरीद प्रक्रिया को लेकर शासन ने बड़ा कदम उठाया है। विधायक राजेन्द्र कुमार मौर्य की शिकायत के बाद जांच समिति गठित कर उपकरण, सामग्री और सर्विसेज से जुड़े सभी भुगतानों पर रोक लगा दी गई है।

प्रतापगढ़।
डॉ. सोनेलाल पटेल स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज की खरीद प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद के बीच उत्तर प्रदेश शासन ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। सदर विधायक एवं विधानसभा की प्राक्कलन समिति के सदस्य राजेन्द्र कुमार मौर्य की शिकायत पर चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग के महानिदेशक ने मेडिकल कॉलेज में उपकरण, सामग्री और सर्विसेज की खरीद से जुड़े सभी आपूर्ति आदेशों के भुगतान पर अगले आदेश तक रोक लगाने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।
शिकायत के बाद हरकत में आया शासन
विधायक राजेन्द्र कुमार मौर्य ने 29 जुलाई को अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग को भेजे अपने पत्र में मेडिकल कॉलेज की खरीद प्रक्रिया में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए थे। शिकायत में कहा गया कि पिछले चार माह के दौरान GeM पोर्टल के माध्यम से हुई कई खरीद में सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका दिखाई देती है।
इन खरीदों पर उठाए गए सवाल
शिकायत पत्र में एयर कंडीशनर किराये, कूरियर सेवा, महंगे बेड, ग्लव्स और अन्य खरीद प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए गए हैं। विधायक ने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में नियमों की अनदेखी करते हुए अत्यधिक लागत पर खरीद और सेवाएं ली गईं, जिससे सरकारी धन के अपव्यय की आशंका बनी।
उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल में दवाओं, सर्जिकल उपकरणों और जांच सुविधाओं की कमी के बावजूद करोड़ों रुपये की खरीद पर सवाल खड़े होना गंभीर चिंता का विषय है।
GeM पोर्टल के संचालन पर भी सवाल
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि मेडिकल कॉलेज का GeM पोर्टल अधिकृत अधिकारियों के बजाय अन्य व्यक्तियों द्वारा संचालित किया जा रहा है। विधायक ने पोर्टल संचालन, निविदा प्रक्रिया, वित्तीय स्वीकृतियों और भुगतान की तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराने की मांग की।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
विधायक ने मांग की कि यदि जांच में वित्तीय अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाए।
डीजीएमई का सख्त आदेश
शिकायत मिलने के बाद चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग के महानिदेशक ने प्रधानाचार्य को पत्र जारी कर बताया कि मामले की जांच के लिए समिति गठित कर दी गई है। आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जांच पूरी होने और अगले आदेश तक उपकरण, सामग्री एवं सर्विसेज से संबंधित सभी आपूर्ति आदेशों के भुगतान पर रोक रहेगी।
महानिदेशक ने आदेश की प्रति अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी है।
जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
पिछले कई दिनों से मेडिकल कॉलेज में एसी किराया, ग्लव्स, बेड, कूरियर सेवा और अन्य खरीद से जुड़े मामलों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। शासन के इस ताजा फैसले के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। जांच समिति की रिपोर्ट अब तय करेगी कि खरीद प्रक्रिया में नियमों का पालन हुआ या वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि होती है।
यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ वित्तीय जवाबदेही भी तय की जा सकती है।





