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गुरु पूर्णिमा पर प्रयागराज में वैदिक ऋषियों की दुर्लभ पांडुलिपियों की प्रदर्शनी, श्रद्धालुओं ने देखा प्राचीन ज्ञान का खजाना

प्रयागराज के झूंसी स्थित प्रभुदत्त ब्रह्मचारी आश्रम में गुरु पूर्णिमा पर राजकीय पांडुलिपि पुस्तकालय द्वारा वैदिक ऋषियों की दुर्लभ पांडुलिपियों और चित्रों की प्रदर्शनी आयोजित की गई।

प्रयागराज।

गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर राजकीय पांडुलिपि पुस्तकालय, उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग की ओर से झूंसी स्थित श्री प्रभुदत्त ब्रह्मचारी आश्रम संकीर्तन भवन में वैदिक ऋषियों की दुर्लभ पांडुलिपियों और चित्रों की प्रदर्शनी आयोजित की गई। प्रदर्शनी का उद्घाटन श्रीमती रजनी मेहरोत्रा, महामंत्री, प्रभुदत्त ब्रह्मचारी सेवा ट्रस्ट ने किया।

दुर्लभ ग्रंथों और ऋषियों की कृतियों का हुआ प्रदर्शन

प्रदर्शनी में महर्षि वेदव्यास, शुक्राचार्य, महर्षि भृगु, गर्गाचार्य, जैमिनी ऋषि, भास्कराचार्य, कात्यायन ऋषि, ऋषि भरद्वाज और दत्तात्रेय जैसे महान ऋषियों की रचनाओं और उनसे संबंधित दुर्लभ पांडुलिपियों की प्रतिकृतियां प्रदर्शित की गईं।

इनमें गर्ग संहिता, भागवत महापुराण, अवधूत गीता, जैमिनी सूत्र, श्रीमद्भगवद्गीता, महाभारत तथा संत कबीरदास के साहित्य संकलन विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।

भारतीय ज्ञान परंपरा से कराया परिचय

प्रदर्शनी का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा, वैदिक साहित्य और प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण के प्रति लोगों, विशेषकर युवाओं में जागरूकता बढ़ाना रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और साहित्य प्रेमियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

विद्वानों और गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति

इस अवसर पर प्रभुदत्त ब्रह्मचारी आश्रम के विद्वान आचार्य डॉ. सियाराम त्रिपाठी, रेखा खरे (वार्डन, के.पी. गर्ल्स कॉलेज), सत्येंद्र द्विवेदी, कमलेश्वर त्रिपाठी, आशीष मुद्गल (सेवानिवृत्त कर्नल), डॉ. विजयानंद, हरिश्चंद्र दुबे, रोशन लाल तथा मोहम्मद शफीक सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

Shivram Giri

शिवराम गिरि वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में 17 वर्षों का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दैनिक जागरण, अमर उजाला और भारत समाचार जैसे देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। पत्रकारिता के हर माध्यम पर उनकी मज़बूत पकड़ उन्हें मीडिया जगत में एक विश्वसनीय आवाज बनाती है। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली पत्रकारिता उनकी पहचान है।

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