प्रयागराज में आठ दिवसीय कजरी कार्यशाला महोत्सव, लोक संस्कृति को सहेजने की पहल
प्रयागराज की प्रयाग संगीत समिति में 2 से 9 अगस्त तक कजरी कार्यशाला महोत्सव आयोजित होगा। कनकधारा संस्था के आयोजन में बनारस घराने की आश्रया द्विवेदी प्रतिभागियों को कजरी गायन की शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय विधाएं सिखाएंगी।

प्रयागराज
उत्तर प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति और सावन के पारंपरिक गीतों की पहचान कजरी को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए प्रयागराज में विशेष आयोजन होने जा रहा है। कनकधारा संस्था के तत्वावधान में आठ दिवसीय ‘कजरी कार्यशाला महोत्सव’ का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम 2 अगस्त से 9 अगस्त तक प्रतिष्ठित प्रयाग संगीत समिति में आयोजित होगा।
लोक संगीत की विरासत को बचाने का प्रयास
कनकधारा संस्था की ओर से आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य विलुप्त होती लोक संगीत परंपराओं को संरक्षित करना और युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना है। आयोजकों का कहना है कि कजरी सिर्फ एक गीत शैली नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की लोक भावनाओं और परंपराओं की पहचान है।
बनारस घराने की आश्रया द्विवेदी देंगी प्रशिक्षण
कार्यशाला की मुख्य आयोजक स्वाती निरखी ने बताया कि प्रशिक्षणार्थियों को आकाशवाणी की ‘A’ ग्रेड लोक गायिका और बनारस घराने की कलाकार श्रीमती आश्रया द्विवेदी कजरी गायन की बारीकियां सिखाएंगी।
कार्यशाला में प्रतिभागियों को कजरी गायन की शास्त्रीय एवं उप-शास्त्रीय विधाओं, स्वर, प्रस्तुति शैली और पारंपरिक गायकी की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
सीमित सीटों के कारण व्यक्तिगत प्रशिक्षण पर जोर
आयोजन समिति ने बताया कि कार्यशाला में सीटों की संख्या सीमित रखी गई है, जिससे प्रत्येक प्रतिभागी पर व्यक्तिगत ध्यान दिया जा सके। इससे सीखने वालों को विशेषज्ञ प्रशिक्षण का बेहतर लाभ मिल सकेगा।
2 से 9 अगस्त तक चलेगा आयोजन
कजरी कार्यशाला महोत्सव का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक प्रयाग संगीत समिति में किया जाएगा। लोक संगीत प्रेमी और इच्छुक प्रतिभागी इस कार्यशाला में शामिल होकर कजरी की पारंपरिक कला सीख सकेंगे।





