पेपर लीक और नई शिक्षा नीति के विरोध में भाकपा का प्रदर्शन, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
प्रतापगढ़ में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने पेपर लीक, नई शिक्षा नीति-2020 और छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और न्यायिक जांच की मांग उठाई गई।

प्रतापगढ़। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की जिला कमेटी ने रविवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर सांकेतिक प्रदर्शन कर महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि उप जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में केंद्र सरकार की शिक्षा नीति, पेपर लीक की घटनाओं और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर तीखा विरोध दर्ज कराया गया।
भाकपा नेताओं ने आरोप लगाया कि नई शिक्षा नीति-2020 शिक्षा के निजीकरण, बाजारीकरण और सांप्रदायीकरण को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि लगातार फीस वृद्धि, हर वर्ष पाठ्यक्रम और पुस्तकों में बदलाव तथा पेपर लीक जैसी घटनाओं से छात्रों और अभिभावकों पर आर्थिक व मानसिक बोझ बढ़ा है। पार्टी का आरोप है कि इससे छात्रों का भविष्य संकट में पड़ गया है।
ज्ञापन में जंतर-मंतर पर आंदोलनरत छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज और लड़कियों के साथ बदसलूकी की न्यायिक जांच कराने, दर्ज मुकदमे वापस लेने तथा दोषी पुलिसकर्मियों एवं अन्य लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था की विफलता के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई तथा नई शिक्षा नीति-2020 को तत्काल वापस लेने की मांग भी उठाई गई।
भाकपा नेताओं ने सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में बढ़ी फीस वापस लेने तथा पूरे देश में समान शिक्षा व्यवस्था लागू करने की भी मांग की। इस दौरान राज्य परिषद सदस्य हेमंत नंदन ओझा, पूर्व जिला मंत्री रामबरन सिंह, मंत्री परिषद सदस्य निर्भय प्रताप सिंह, विवेक श्रीवास्तव, आलोक सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।





