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रामलला मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी पर विधानसभा में चर्चा की मांग, कांग्रेस ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

यूपी विधानसभा के मानसून सत्र में कांग्रेस ने अयोध्या के रामलला मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे पर चर्चा की मांग की। आराधना मिश्रा मोना ने सरकार पर जवाबदेही से बचने और स्वतंत्र जांच न कराने का आरोप लगाया।

लखनऊ।

उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस ने अयोध्या स्थित रामलला मंदिर में चढ़ावे और दान की कथित चोरी के मुद्दे पर सदन में चर्चा कराने की मांग की। कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस संवेदनशील मुद्दे पर जवाबदेही तय करने के बजाय चर्चा से बच रही है।

विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि भाजपा ने वर्षों तक राम मंदिर को राजनीतिक मुद्दा बनाया, लेकिन अब जब मंदिर में चढ़ावे और दान की कथित चोरी के आरोप सामने आए हैं तो सरकार इस पर चर्चा नहीं करना चाहती। उन्होंने कहा कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है।

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि देश और विदेश से श्रद्धालुओं ने राम मंदिर निर्माण के लिए अपनी श्रद्धा के अनुसार दान दिया था। ऐसे में चढ़ावे और दान में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आने से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष द्वारा सदन में इस विषय पर चर्चा की मांग किए जाने के बावजूद सरकार ने सहमति नहीं दी। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि विधानसभा की कार्यवाही के दौरान विपक्ष की महिला विधायकों के साथ मार्शलों द्वारा धक्का-मुक्की की गई और मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान सदन में मौजूद नहीं थे।

आराधना मिश्रा मोना ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि अनियमितताओं के आरोप लगे हैं तो केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी। उन्होंने कथित घटनाओं से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और अन्य तथ्यों की भी गहन जांच कराने की मांग की।

कांग्रेस ने इस मामले में पांच प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें प्रधानमंत्री से सार्वजनिक जवाब, उच्चतम न्यायालय की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच, जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर, ट्रस्ट का पुनर्गठन तथा मंदिर के चंदे, चढ़ावे, भूमि खरीद और अन्य वित्तीय लेनदेन का स्वतंत्र फोरेंसिक ऑडिट कर रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग शामिल है।

Shivram Giri

शिवराम गिरि वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में 17 वर्षों का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दैनिक जागरण, अमर उजाला और भारत समाचार जैसे देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। पत्रकारिता के हर माध्यम पर उनकी मज़बूत पकड़ उन्हें मीडिया जगत में एक विश्वसनीय आवाज बनाती है। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली पत्रकारिता उनकी पहचान है।

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