आजमगढ़: रेनबो चिल्ड्रेन अस्पताल में नवजात अदला-बदली मामले में बड़ा एक्शन, 6 लोगों पर एफआईआर
आजमगढ़ के रेनबो चिल्ड्रेन अस्पताल में नवजात अदला-बदली मामले में जिला प्रशासन की जांच के बाद अस्पताल प्रबंधन, कर्मचारियों और दूसरे दंपती समेत 6 लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई। जांच में पहचान टैग बदलने की लापरवाही सामने आई।

आजमगढ़।
जिले के चर्चित रेनबो चिल्ड्रेन अस्पताल में नवजात शिशुओं की कथित अदला-बदली के मामले में जिला प्रशासन की जांच के बाद बड़ा प्रशासनिक और कानूनी कदम उठाया गया है। मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) कार्यालय की तहरीर पर अस्पताल प्रबंधन, कर्मचारियों और दूसरे दंपती समेत छह लोगों के खिलाफ सिधारी थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
आसिफगंज निवासी कमलेश वर्मा ने जिलाधिकारी से शिकायत करते हुए आरोप लगाया था कि उनकी पत्नी नेहा सोनी ने 12 मई 2026 को बलिया जिला महिला अस्पताल में पुत्र को जन्म दिया था। नवजात की तबीयत बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए तिवारीपुर स्थित रेनबो चिल्ड्रेन अस्पताल में भर्ती कराया गया।
परिजनों का आरोप है कि 27 मई को अस्पताल ने उनके पुत्र की जगह एक नवजात बच्ची सौंप दी। विरोध करने पर अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों ने कथित रूप से उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया।
सोशल मीडिया पर मामला आने के बाद लौटा नवजात
शिकायत के अनुसार, मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आने के बाद अस्पताल प्रबंधन सक्रिय हुआ और वास्तविक नवजात को परिजनों को वापस सौंपा गया। इसके बाद बच्चे का इलाज पूरा कर 28 मई को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया गया।
जांच में सामने आई बड़ी लापरवाही
जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में पाया कि अस्पताल में भर्ती दोनों नवजातों के पहचान टैग खराब होने के बाद नए टैग लगाने में गंभीर लापरवाही बरती गई। स्टाफ नर्स ने भी स्वीकार किया कि नए टैग लगाने के दौरान गलती हुई, जिससे दोनों बच्चों की पहचान बदल गई।
दूसरे दंपती की भूमिका भी जांच के घेरे में
जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि दूसरे दंपती माधवी यादव और कन्हैया यादव को वास्तविक स्थिति की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने नवजात लड़के को वापस नहीं किया। इसी आधार पर उनकी भूमिका को भी संदिग्ध मानते हुए कार्रवाई की गई।
इन छह लोगों पर दर्ज हुई एफआईआर
जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने निम्न लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है—
- नीतू यादव
- अनरजीत चौहान
- जयकृष्ण शुक्ल
- शशि कुमार पांडेय
- माधवी यादव
- कन्हैया यादव
पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों, दस्तावेजों और संबंधित व्यक्तियों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





