सकरन ब्लॉक में क्षेत्र पंचायत निधि के कार्यों में अनियमितता का आरोप, भाकियू ने डीएम से जांच की मांग
सीतापुर के सकरन ब्लॉक में क्षेत्र पंचायत निधि से कराए गए निर्माण कार्यों में बिना स्वीकृति, एस्टीमेट और टेंडर के काम कराने का आरोप लगा है। भारतीय किसान यूनियन ने डीएम से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

सीतापुर:
विकासखंड सकरन में क्षेत्र पंचायत निधि से कराए जा रहे निर्माण कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने जिलाधिकारी को शिकायत देकर आरोप लगाया है कि कई निर्माण कार्य विभागीय स्वीकृति, एस्टीमेट और टेंडर प्रक्रिया पूरी किए बिना ही करा दिए गए, जबकि कुछ कार्य अभी भी जारी हैं।
भाकियू ने नियमों के उल्लंघन का लगाया आरोप
भाकियू के जिलाध्यक्ष रामशंकर सिंह का कहना है कि क्षेत्र पंचायत निधि के कार्यों में नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। उनका आरोप है कि नियमानुसार पहले कार्ययोजना की स्वीकृति, फिर एस्टीमेट, समाचार पत्रों में टेंडर प्रकाशन, निविदा प्रक्रिया और कार्य आवंटन होना चाहिए, लेकिन सकरन ब्लॉक में इन प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया।
इन निर्माण कार्यों पर उठे सवाल
भाकियू की शिकायत के अनुसार निम्नलिखित कार्यों में अनियमितता का आरोप लगाया गया है:
- ग्राम पंचायत राजापुर: मदन के घर से लहरपुर-बिसवां मार्ग तक एजिंग और इंटरलॉकिंग निर्माण।
- ग्राम पंचायत धरमपुर: बनवारी यादव के घर से शिव मंदिर तक इंटरलॉकिंग।
- ग्राम पंचायत भिठमनी: राजापुर-भिठमनी मार्ग से वीर बाबा होते हुए लहरपुर-बिसवां मार्ग तक इंटरलॉकिंग।
- ग्राम पंचायत रतनापुर: अमित के घर से गांव के बाहर तक ढक्कन सहित नाला निर्माण।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इनमें से कई कार्य लगभग एक माह पहले पूरे भी हो चुके हैं, जबकि आवश्यक प्रशासनिक स्वीकृतियां और टेंडर प्रक्रिया बाद में पूरी करने की तैयारी की जा रही है।
‘श्रमदान’ घोषित करने की मांग
भाकियू ने मांग की है कि सभी निर्माण कार्यों की तकनीकी जांच कराई जाए। यदि नियमों के विपरीत कार्य कराए गए हैं तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा ऐसे कार्यों को ‘श्रमदान’ घोषित किया जाए।
अवर अभियंता ने जांच का दिया भरोसा
मामले पर अवर अभियंता सुभाष वर्मा ने कहा कि संबंधित कार्य उनकी जानकारी में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर पूरे मामले की जांच कर नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
नोट: निर्माण कार्यों में अनियमितता के आरोप भारतीय किसान यूनियन द्वारा लगाए गए हैं। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है और मामले की जांच की मांग की गई है।





