आर्य समाज चौक में 77 लाख की वित्तीय अनियमितता का आरोप, पूर्व पदाधिकारी आजीवन निष्कासित
प्रतापगढ़ के आर्य समाज चौक में 77 लाख रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता के आरोपों के बीच पूर्व प्रबंध समिति के पदाधिकारियों को आजीवन निष्कासित किए जाने का दावा किया गया। प्रशासक ने आपराधिक व सिविल कार्रवाई और धन वसूली की प्रक्रिया शुरू करने की जानकारी दी।

प्रतापगढ़। आर्य समाज चौक के प्रशासनिक विवाद में बड़ा फैसला सामने आया है। प्रशासक विजय सिंह आर्य ने शुक्रवार को आयोजित प्रेसवार्ता में दावा किया कि पूर्व प्रबंध समिति के पदाधिकारियों द्वारा करीब 77 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता, जालसाजी, कूटरचना और संस्था विरोधी गतिविधियों के आरोप प्रथम दृष्टया जांच में सही पाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि आर्य प्रतिनिधि सभा, उत्तर प्रदेश ने 9 जून को पूर्व प्रबंध समिति को भंग कर प्रशासक नियुक्त किया था। जांच में वित्तीय अभिलेख और लेखा-जोखा उपलब्ध न कराए जाने तथा मार्केट निर्माण, व्यापारियों से जमा धनराशि और दुकानों के किराये में कुल लगभग 77 लाख रुपये की अनियमितता सामने आने का दावा किया गया है।
प्रशासक के अनुसार, आर्य प्रतिनिधि सभा ने 23 जुलाई को आदेश जारी कर संबंधित सभी पदाधिकारियों की आजीवन सदस्यता समाप्त कर उन्हें आर्य समाज से पृथक कर दिया है। साथ ही उनके विरुद्ध आपराधिक एवं सिविल कार्रवाई तथा धनराशि की वसूली की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।



