68,500 शिक्षक भर्ती 2018: OBC अभ्यर्थियों ने 5% उत्तीर्णांक छूट की मांग तेज की, अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा को सौंपा ज्ञापन
68,500 सहायक शिक्षक भर्ती 2018 के OBC अभ्यर्थियों ने 5% उत्तीर्णांक छूट और संशोधित परिणाम की मांग को लेकर अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा को ज्ञापन सौंपा। सरकार ने न्यायिक परामर्श के बाद निर्णय का भरोसा दिया।

लखनऊ।
उत्तर प्रदेश की 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा 2018 एक बार फिर चर्चा में है। भर्ती में शामिल अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को अपर मुख्य सचिव (बेसिक शिक्षा) से मुलाकात कर राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की संस्तुति के आधार पर अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के अभ्यर्थियों को उत्तीर्णांक में 5 प्रतिशत की छूट देते हुए संशोधित परिणाम जारी करने की मांग की।
अभ्यर्थियों ने ज्ञापन के साथ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट, भर्ती के प्रथम एवं द्वितीय प्रस्ताव, एनसीटीई (NCTE) की गाइडलाइन, भारत का राजपत्र, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आरक्षण अधिनियम-1994, 3 सितंबर 2014 का शासनादेश तथा 72,825 शिक्षक भर्ती 2011 और 69,000 शिक्षक भर्ती 2019 सहित अन्य भर्ती प्रक्रियाओं के दस्तावेज भी प्रस्तुत किए। उनका दावा है कि इन भर्तियों में OBC वर्ग को आरक्षित श्रेणी मानते हुए 5 प्रतिशत की छूट का लाभ दिया गया था।
भर्ती का नेतृत्व कर रहे अभ्यर्थी तूफान सिंह ने कहा कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने अपनी संस्तुति में OBC अभ्यर्थियों को उत्तीर्णांक में 5 प्रतिशत छूट देकर सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की सिफारिश की है। उनका कहना है कि इस निर्णय का लाभ OBC वर्ग के साथ-साथ दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रितों सहित अन्य आरक्षित श्रेणियों के पात्र अभ्यर्थियों को भी मिलेगा।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि अपर मुख्य सचिव ने पूरे मामले पर विस्तार से चर्चा की और पूछा कि भर्ती से जुड़ा यह प्रकरण अब तक लंबित क्यों है। इस पर अभ्यर्थियों ने भर्ती से संबंधित सभी दस्तावेज और आयोग की संस्तुतियां प्रस्तुत कर अपना पक्ष रखा।
अभ्यर्थियों के अनुसार, अपर मुख्य सचिव ने भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सभी न्यायालयी आदेशों, विभागीय कार्यवाहियों और 5 प्रतिशत छूट से संबंधित दस्तावेजों की एक विस्तृत फाइल उपलब्ध कराने को कहा। प्रतिनिधिमंडल ने उसी दिन आवश्यक दस्तावेज तैयार कर विभाग को सौंप दिए।
सूत्रों के अनुसार, अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि इस मामले में न्यायिक परामर्श लेने तथा मुख्यमंत्री की अनुमति प्राप्त होने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने वालों में तूफान सिंह, आशुतोष वर्मा, अखिल यादव और नवीन चौधरी सहित अन्य अभ्यर्थी शामिल रहे।





