
- श्री मठ बाघम्बरी गद्दी में 100 बटुकों ने किया महारुद्राभिषेक
राष्ट्र की उन्नति और विश्व शांति की कामना के साथ महंत बलबीर गिरी ने किया पूजनप्रयागराज। श्री मठ बाघम्बरी गद्दी में सावन के दूसरे सोमवार और प्रदोष पर्व पर भगवान भोलेनाथ का भव्य रुद्राभिषेक किया गया। श्री मठ बाघम्बरी गद्दी के पीठाधीश्वर महंत बलवीर गिरी ने 100 बटुकों के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान बाघम्बर महादेव का पंचामृत से अभिषेक किया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी इस धार्मिक अनुष्ठान के साक्षी बने।
श्रावण मास को भगवान शिव का अत्यंत प्रिय महीना माना जाता है। इस महीने में शिवालयों में जलाभिषेक और रुद्राभिषेक का विशेष महत्व होता है। श्रीमठ बाघम्बरी गद्दी में भी प्रतिदिन विशेष अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। सावन के दूसरे सोमवार और प्रदोष का यह संयोग अनुष्ठान को और भी महत्वपूर्ण बनाता है।
महंत बलवीर गिरी ने बताया कि मठ में भगवान भोलेनाथ का प्रतिदिन महाअभिषेक किया जाता है और अलग-अलग सामग्री से उनका विशेष श्रृंगार होता है। सोमवार को भगवान शिव का पंचामृत से अभिषेक किया गया, जिसमें दूध, दही, घी, शहद और शर्करा का उपयोग हुआ। यह अनुष्ठान वैदिक विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ, जिसमें 100 बटुकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। महंत बलवीर गिरी ने कहा कि भगवान शिव की आराधना से समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। उन्होंने बताया कि सावन मास में किए गए रुद्राभिषेक का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। यह अनुष्ठान केवल व्यक्तिगत सुख-समृद्धि के लिए नहीं, बल्कि लोक मंगल, विश्व कल्याण, राष्ट्र की उन्नति और समस्त मानवता के कल्याण की भावना से किया गया है।
अनुष्ठान के समापन पर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। सावन के दूसरे सोमवार पर मठ में दिनभर भक्तों का तांता लगा रहा, जिन्होंने भगवान शिव का दर्शन कर जलाभिषेक एवं पूजन-अर्चन किया।



