रानीगंज की सियासत में हलचल: धीरज ओझा की सहयोगी दलों के शीर्ष नेताओं से मुलाकातों ने बढ़ाई अटकलें
प्रतापगढ़ की रानीगंज विधानसभा में सियासी हलचल तेज है। पूर्व विधायक धीरज ओझा की केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल और कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद से लगातार मुलाकातों के बाद सीट बंटवारे और नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

प्रतापगढ़। विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट के बीच रानीगंज विधानसभा की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के फायर ब्रांड नेता एवं रानीगंज के निवर्तमान विधायक अभय कुमार उर्फ धीरज ओझा की पिछले एक पखवारे के भीतर एनडीए के सहयोगी दलों के शीर्ष नेताओं से लगातार मुलाकातों ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
धीरज ओझा ने हाल ही में अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल से मुलाकात की। इसके कुछ ही दिनों बाद उन्होंने निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद से भी भेंट की। इन लगातार हुई मुलाकातों को लेकर तरह-तरह के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए में सीटों के बंटवारे को लेकर मंथन शुरू हो चुका है। ऐसे में धीरज ओझा की सहयोगी दलों के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात ने इस चर्चा को और हवा दे दी है कि क्या इस बार रानीगंज विधानसभा सीट भाजपा के बजाय किसी सहयोगी दल के खाते में जा सकती है?
हालांकि, इन मुलाकातों को लेकर न तो धीरज ओझा और न ही किसी सहयोगी दल की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आया है। इसलिए अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। फिर भी राजनीतिक हलकों में इसे सामान्य शिष्टाचार भेंट से आगे जोड़कर देखा जा रहा है।
फिलहाल इतना तय है कि धीरज ओझा की बढ़ी हुई राजनीतिक सक्रियता और लगातार शीर्ष नेताओं से संपर्क ने रानीगंज विधानसभा की सियासत को नई चर्चा दे दी है। आने वाले दिनों में सीटों के समीकरण और दलों की रणनीति स्पष्ट होने के साथ इन मुलाकातों के वास्तविक मायने भी सामने आ सकते हैं।





