
KUNDA/प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। महेशगंज थाना क्षेत्र के अठैसा (प्रीतमपुर) गांव में 85 वर्षीय जगदीश द्विवेदी का शव उनके ही घर के अंदर कथित रूप से दफन मिला। शव से तेज दुर्गंध आने पर परिजनों और ग्रामीणों ने घर का ताला तोड़ा, जिसके बाद यह हैरान कर देने वाला मामला सामने आया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
परिजनों के अनुसार, जगदीश द्विवेदी अपने सबसे छोटे बेटे विजय द्विवेदी के साथ गांव में रहते थे। वह पिछले करीब 20 दिनों से लापता थे। बड़े बेटे संतोष द्विवेदी ने 22 जुलाई को महेशगंज थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
घर से उठी दुर्गंध, खुला हत्या का राज
गुरुवार को घर से तेज बदबू आने पर संतोष और दूसरे बेटे अजय द्विवेदी ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे। घर का ताला तोड़कर अंदर जाने पर अंतिम कमरे में मिट्टी से बनी कब्र जैसी आकृति दिखाई दी। पुलिस की मौजूदगी में खुदाई कराई गई तो अंदर से जगदीश द्विवेदी का शव बरामद हुआ। शव की हालत खराब होने के कारण पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
छोटे बेटे पर हत्या का आरोप
मृतक के बड़े बेटे ने अपने छोटे भाई विजय द्विवेदी पर पिता की हत्या कर शव को घर में दफनाने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि विजय शराब का आदी था और अक्सर पिता व पत्नी के साथ मारपीट करता था। घटना के बाद से विजय भी लापता है, जिससे संदेह और गहरा गया है।
पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप
विजय की पत्नी सुमन द्विवेदी, जो पिछले पांच महीनों से मायके में रह रही थीं, ने बताया कि पति शराब के नशे में अक्सर मारपीट करता था। उनके अनुसार, मारपीट के कारण उनका गर्भ भी खराब हो गया था। घटना की सूचना मिलने पर वह मायके से ससुराल पहुंचीं।
पुलिस और फोरेंसिक टीम ने शुरू की जांच
घटना की सूचना पर एसडीएम, सीओ, एएसपी और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एएसपी पश्चिमी ने बताया कि मृतक के बेटे की तहरीर के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। फरार आरोपी विजय द्विवेदी की तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
नोट: पुलिस जांच जारी है। हत्या के आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही होगी।





