लखनऊ पुलिस का ट्रांसजेंडर अधिकारों पर विशेष प्रशिक्षण, संवेदनशील और समावेशी पुलिसिंग पर दिया गया जोर
लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों और संवेदनशील पुलिसिंग को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की। 120 पुलिसकर्मियों को ट्रांसजेंडर अधिनियम 2019 और नियमावली 2020 के कानूनी एवं व्यवहारिक पहलुओं की जानकारी दी गई।

लखनऊ।
ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों की सुरक्षा और उनके प्रति संवेदनशील एवं सम्मानजनक पुलिसिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने गुरुवार को रिजर्व पुलिस लाइन्स स्थित संगोष्ठी सदन में विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की। कार्यशाला में 120 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 और नियमावली, 2020 के कानूनी एवं व्यवहारिक प्रावधानों की जानकारी दी गई।
120 पुलिसकर्मियों ने लिया प्रशिक्षण
यह प्रशिक्षण उत्तर प्रदेश शासन और पुलिस महानिदेशक के निर्देशों के क्रम में पुलिस आयुक्त तरुण गाबा के निर्देशन में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) अपर्णा कुमार, संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) बबलू कुमार तथा पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) अमित कुमावत के मार्गदर्शन में हुआ। वहीं पुलिस उपायुक्त महिला अपराध एवं सुरक्षा ममता रानी और सहायक पुलिस उपायुक्त महिला अपराध शाहिदा नसरीन ने कार्यक्रम के संचालन की जिम्मेदारी निभाई।
कार्यशाला में सभी थानों के अतिरिक्त निरीक्षक, वरिष्ठ उपनिरीक्षक, वर्ष 2023 बैच के उपनिरीक्षक तथा पिंक बूथ पर तैनात महिला आरक्षियों सहित कुल 120 पुलिसकर्मियों ने भाग लिया।
कानूनी और व्यवहारिक पहलुओं पर दिया गया प्रशिक्षण
प्रशिक्षण का संचालन पहल फाउंडेशन के प्रशिक्षक यदुवेन्द्र सिंह ने किया। उन्होंने ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़े कानूनी, सामाजिक और व्यवहारिक पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी।
अधिकारियों को बताया गया कि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को संविधान के तहत समानता, गरिमा और स्वतंत्र जीवन का अधिकार प्राप्त है। पुलिस का दायित्व है कि वह बिना किसी भेदभाव के सभी नागरिकों को सुरक्षा, सम्मान और न्याय उपलब्ध कराए।
गोपनीयता, सम्मान और विश्वास आधारित पुलिसिंग पर चर्चा
कार्यशाला में ट्रांसजेंडर समुदाय के संवैधानिक एवं मानवाधिकारों, शिकायतों के निस्तारण के दौरान गोपनीयता बनाए रखने, सम्मानजनक व्यवहार, विश्वास आधारित संवाद और समाज में समावेशिता सुनिश्चित करने में पुलिस की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।
कैसरबाग ट्रांसजेंडर हेल्पडेस्क की दी गई जानकारी
प्रतिभागियों को थाना कैसरबाग में संचालित ट्रांसजेंडर हेल्पडेस्क की कार्यप्रणाली और उपलब्ध सुविधाओं से भी अवगत कराया गया। बताया गया कि हेल्पडेस्क के माध्यम से ट्रांसजेंडर समुदाय को विधिक सहायता, मार्गदर्शन और पुलिस सहयोग प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराया जा रहा है।
कमिश्नरेट लखनऊ ने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग को सुरक्षित, सम्मानजनक और समान पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर ऐसे प्रशिक्षण और संवेदीकरण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।





