लखनऊ में नकली अंग्रेजी शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़, फर्जी QR कोड और 1,346 क्वार्टर शराब बरामद, एक गिरफ्तार
लखनऊ के पीजीआई क्षेत्र में पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त कार्रवाई में नकली अंग्रेजी शराब बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ। 1,346 क्वार्टर शराब, फर्जी QR कोड और नकली ब्रांड लेबल बरामद किए गए। एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा फरार।

लखनऊ।
लखनऊ पुलिस, आबकारी विभाग और दक्षिणी जोन की सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने पीजीआई थाना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली अंग्रेजी शराब बनाने और उसकी तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से 1,346 क्वार्टर अंग्रेजी शराब, फर्जी QR कोड, नकली ब्रांड लेबल और पैकिंग सामग्री बरामद करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, तैयार की गई नकली शराब को बिहार समेत अन्य राज्यों में असली ब्रांड के नाम पर सप्लाई किया जाता था।
किराये के मकान में चल रही थी नकली शराब की फैक्ट्री
पुलिस के मुताबिक, मुखबिर की सूचना पर वृंदावन योजना के सेक्टर-10सी स्थित एक किराये के मकान पर छापा मारा गया। तलाशी के दौरान भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब, फर्जी QR कोड, नकली ब्रांड लेबल, ढक्कन और पैकिंग सामग्री बरामद हुई।
कार्रवाई के दौरान अनिल वर्मा (36) निवासी आजाद नगर, कृष्णानगर को गिरफ्तार किया गया, जबकि उसका साथी विमल यादव मौके से फरार हो गया।
बिहार समेत अन्य राज्यों में होती थी सप्लाई
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने साथी के साथ मिलकर नकली शराब तैयार करता था। शराब की बोतलों पर कूटरचित QR कोड और विभिन्न ब्रांडों के फर्जी लेबल लगाकर उन्हें असली उत्पाद की तरह तैयार किया जाता था। इसके बाद इनकी खेप बिहार सहित अन्य राज्यों में भेजी जाती थी।
भारी मात्रा में शराब और नकली सामग्री बरामद
पुलिस के अनुसार, बरामद सामग्री में 612 क्वार्टर 8 PM Premium Black Superior Whisky और 758 क्वार्टर After Dark Blue Rare Grain Whisky शामिल हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में फर्जी QR कोड, नकली लेबल और पैकिंग सामग्री भी बरामद की गई।
पहले भी दर्ज हैं कई मुकदमे
जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम, धोखाधड़ी और कूटरचना से जुड़े कई मामले पहले से दर्ज हैं। वह पूर्व में जेल भी जा चुका है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आबकारी अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश कर दिया है। फरार आरोपी की तलाश जारी है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।





