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बेल्हाघाट रेलवे अंडरपास निर्माण को मिली नई रफ्तार, रक्षा संपदा कार्यालय ने DM और विधायक के साथ बुलाई बैठक

प्रतापगढ़ के बेल्हाघाट रेलवे अंडरपास निर्माण को लेकर बड़ी अपडेट। रक्षा संपदा कार्यालय ने जिलाधिकारी और सदर विधायक राजेंद्र कुमार मौर्य के साथ बैठक बुलाने का अनुरोध किया। जानिए क्या है पूरा मामला और कब मिल सकती है NOC

प्रतापगढ़

बेल्हाघाट क्षेत्र के लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से प्रस्तावित रेलवे अंडरपास निर्माण परियोजना अब आगे बढ़ती नजर आ रही है। सदर विधायक राजेंद्र कुमार मौर्य की पहल पर रक्षा संपदा कार्यालय, प्रयागराज सर्किल ने इस मामले में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिलाधिकारी प्रतापगढ़ को बैठक आयोजित करने के लिए पत्र भेजा है। बैठक में विधायक को भी शामिल करने का अनुरोध किया गया है, जिससे परियोजना पर जल्द निर्णय होने की उम्मीद बढ़ गई है।

रक्षा मंत्रालय की जमीन होने से जरूरी है NOC

रेलवे अंडरपास तक पहुंचने वाली सड़क का प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय की भूमि से होकर गुजरता है। ऐसे में सड़क निर्माण के लिए रक्षा संपदा विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) आवश्यक है। इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए रक्षा संपदा कार्यालय ने प्रशासनिक स्तर पर बैठक बुलाने की पहल की है।

32.656 एकड़ रक्षा भूमि से होकर प्रस्तावित है सड़क

रक्षा संपदा अधिकारी, प्रयागराज सर्किल द्वारा 17 मार्च 2026 को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि बेल्हाघाट गांव, तहसील सदर स्थित मिलिट्री कैंपिंग ग्राउंड की 32.656 एकड़ भूमि भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अधीन है। यह भूमि रक्षा संपदा कार्यालय, प्रयागराज सर्किल के प्रबंधन में दर्ज है। पत्र के साथ मिलिट्री लैंड रजिस्टर (MLR) का संबंधित अंश भी संलग्न किया गया है।

विधायक और अधिकारियों के बीच होगी अहम बैठक

रक्षा संपदा कार्यालय ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि सदर विधायक राजेंद्र कुमार मौर्य के साथ बैठक की तिथि और समय तय किया जाए। साथ ही बैठक की सूचना कम से कम एक सप्ताह पहले देने को कहा गया है, ताकि रक्षा संपदा कार्यालय और स्थानीय सैन्य प्राधिकरण (LMA) के अधिकारी भी इसमें शामिल हो सकें।

हजारों लोगों को मिलेगा आवागमन में फायदा

बेल्हाघाट क्षेत्र में रेलवे लाइन के कारण लोगों को लंबे समय से आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। यदि रेलवे अंडरपास और संपर्क मार्ग का निर्माण होता है तो हजारों ग्रामीणों, किसानों, छात्रों और दैनिक यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और आवागमन सुरक्षित व सुगम बन सकेगा।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, सदर विधायक राजेंद्र कुमार मौर्य ने 2 दिसंबर 2025 को इस संबंध में रक्षा संपदा विभाग को पत्र भेजा था। इसके बाद जिलाधिकारी प्रतापगढ़ ने 10 दिसंबर 2025 को NOC जारी करने का अनुरोध किया। अब रक्षा संपदा कार्यालय द्वारा बैठक बुलाने की पहल के बाद इस परियोजना को नई गति मिलने की संभावना जताई जा रही है।

निष्कर्ष

बेल्हाघाट रेलवे अंडरपास परियोजना अब प्रशासनिक स्तर पर अहम मोड़ पर पहुंच गई है। रक्षा संपदा कार्यालय द्वारा बैठक बुलाने की पहल इस दिशा में सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। यदि NOC की प्रक्रिया पूरी होती है तो वर्षों से लंबित इस परियोजना का रास्ता साफ हो सकता है और क्षेत्र के हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

Girijesh Tiwari

गिरिजेश तिवारी वरिष्ठ एवं मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। उन्हें प्रिंट मीडिया में लंबे समय का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने हिन्दुस्तान, राष्ट्रीय सहारा और यूनाइटेड भारत जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में प्रतापगढ़ से दैनिक पॉड के संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।

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