
प्रयागराज।
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बुधवार को प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही हजारों श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम तट पर पहुंचने लगे और विधि-विधान से पवित्र स्नान कर पुण्य अर्जित किया।
संगम स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने किया दान-पुण्य
गुरु पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान कर परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और मंगल कामना की। स्नान के बाद लोगों ने दान-पुण्य किया और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।
कई श्रद्धालु अपने गुरुओं का आशीर्वाद लेने के लिए मंदिरों, मठों और आश्रमों में पहुंचे, जहां गुरु पूजन और वंदना के कार्यक्रम आयोजित किए गए।
व्यास पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है पर्व
गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह दिन महर्षि वेदव्यास की जयंती के रूप में मनाया जाता है।
इस अवसर पर प्रयागराज सहित विभिन्न स्थानों के मठों, मंदिरों, आश्रमों और गुरुकुलों में विशेष पूजा, सत्संग और गुरु वंदना के कार्यक्रम आयोजित किए गए।
सुरक्षा को लेकर प्रशासन रहा अलर्ट
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने संगम क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे।
स्नान घाटों पर पुलिस बल, जल पुलिस, गोताखोर और आपदा राहत दल तैनात रहे। इसके अलावा डीप वॉटर बैरिकेडिंग, साफ-सफाई, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए गए।
भक्ति और श्रद्धा से सराबोर रहा संगम क्षेत्र
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर संगम क्षेत्र में पूरे दिन श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा। दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने संगम स्नान के साथ गुरु परंपरा का पालन करते हुए अपने गुरुओं से आशीर्वाद प्राप्त किया।





