
प्रतापगढ़।
डॉ. सोनेलाल पटेल स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज में एसी किराया, महंगे बेड की खरीद और GeM पोर्टल के माध्यम से हुए अन्य अनुबंधों को लेकर उठे विवाद को शासन ने गंभीरता से लिया है। सदर विधायक राजेंद्र कुमार मौर्य की शिकायत के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग सक्रिय हो गया है।
विधायक ने प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग को भेजे पत्र में मेडिकल कॉलेज में पिछले चार महीनों के दौरान हुई खरीद और किराया प्रक्रियाओं में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया था। उन्होंने GeM पोर्टल के माध्यम से हुए अनुबंधों, टेंडर प्रक्रिया और वित्तीय दरों की उच्च स्तरीय तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराने की मांग की थी।
मामले को शासन स्तर पर संज्ञान में लेते हुए महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा (DGME) ने शिकायत को एडीशनल डायरेक्टर (नॉन-सर्विसेज) [AD(NS)] को भेजते हुए जांच कराने के निर्देश दिए हैं। 29 जुलाई 2026 को की गई विभागीय टिप्पणी से स्पष्ट है कि शिकायत को औपचारिक रूप से जांच के लिए अग्रसारित कर दिया गया है।
विधायक ने अपने पत्र में यह भी कहा था कि मेडिकल कॉलेज में आवश्यक दवाइयों और उपकरणों की कमी के कारण मरीजों को प्रयागराज रेफर करना पड़ता है, जबकि दूसरी ओर एसी किराये पर लेने और अन्य खरीद मामलों में लाखों रुपये खर्च किए गए हैं, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका पैदा होती है।
डीजीएमई स्तर से जांच के आदेश के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन में हलचल तेज हो गई है। अब एडीशनल डायरेक्टर (एनएस) स्तर पर यह जांच होगी कि एसी किराया, बेड खरीद और GeM पोर्टल के माध्यम से हुए अनुबंध निर्धारित नियमों और वित्तीय मानकों के अनुरूप थे या नहीं। यदि जांच में अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है।





