प्रतापगढ़ के भयहरण नाथ धाम की सार्वजनिक भूमि कब्जामुक्त कराने की मांग, 19वां सामाजिक सत्याग्रह जारी
प्रतापगढ़ के भयहरण नाथ धाम की सार्वजनिक भूमि को कब्जा मुक्त कराने की मांग को लेकर 19वां सामाजिक सत्याग्रह जारी है। संस्थान ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की है। 26 जुलाई को 20वां सत्याग्रह और 30 जुलाई से शुरू होने वाले सावन मेले की तैयारियां भी तेज होंगी।

प्रतापगढ़। जिले के प्रसिद्ध भयहरण नाथ धाम की सार्वजनिक भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराने की मांग को लेकर चल रहा सामाजिक आंदोलन लगातार गति पकड़ रहा है।
रविवार को 19वां सामाजिक सत्याग्रह आयोजित किया गया, जिसमें धाम के संरक्षण और पर्यटन विकास को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए।
लगातार हो रही बारिश के कारण बकुलाही नदी पुनरोद्धार अभियान के तहत प्रस्तावित श्रमदान कार्यक्रम को फिलहाल स्थगित कर दिया गया।
आंदोलन से जुड़े पदाधिकारियों ने बताया कि अब पहले जिलाधिकारी से मुलाकात कर प्रशासनिक सहयोग लिया जाएगा, ताकि धाम की सार्वजनिक भूमि को कब्जा मुक्त कराने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई हो सके।
संस्थान के अध्यक्ष राजकुमार शुक्ल ने कहा कि भयहरण नाथ धाम को धार्मिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने में अवैध कब्जे सबसे बड़ी बाधा बने हुए हैं। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो धाम के विकास की संभावनाएं प्रभावित होंगी।
महासचिव समाज शेखर ने बताया कि बारिश थमते ही बकुलाही नदी की सफाई और पुनरोद्धार के लिए श्रमदान अभियान दोबारा शुरू किया जाएगा। बैठक में यह भी तय किया गया कि 26 जुलाई को 20वां सामाजिक सत्याग्रह आयोजित होगा। इसके साथ ही 30 जुलाई से शुरू होने वाले सावन मेले की तैयारियों की अंतिम समीक्षा भी की जाएगी।
सत्याग्रह में शामिल लोगों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि भयहरण नाथ धाम की सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर धार्मिक और पर्यटन महत्व के अनुरूप विकसित किया जाना चाहिए।





