दर्जनभर बाल श्रमिक मुक्त, होटल-ढाबों व फैक्ट्रियों पर चला संयुक्त अभियान
प्रतापगढ़ के जेठवारा क्षेत्र में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) और श्रम विभाग की संयुक्त कार्रवाई में 11 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया। होटल, ढाबों, गैराज और फैक्ट्रियों पर अभियान चलाकर संचालकों को नोटिस और चेतावनी दी गई।

प्रतापगढ़। जनपद में बाल श्रम, बंधुआ मजदूरी, बाल भिक्षावृत्ति, बाल विवाह रोकथाम तथा “एक युद्ध नशे के विरुद्ध” अभियान के तहत शुक्रवार को थाना एण्टी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (AHTU) और श्रम विभाग की संयुक्त टीम ने जेठवारा क्षेत्र में व्यापक अभियान चलाकर 11 नाबालिग बाल श्रमिकों को मुक्त कराया।
पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) बृजनंदन राय के पर्यवेक्षण में संचालित अभियान के दौरान श्रम प्रवर्तन अधिकारी महेन्द्र सिंह चौहान की टीम तथा एएचटीयू प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह यादव, उपनिरीक्षक रामचन्द्र राम गुप्ता सहित पुलिस बल ने होटलों, ढाबों, गैराजों और फैक्ट्रियों का संयुक्त निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान 11 नाबालिग बच्चों से काम कराए जाने की पुष्टि होने पर उन्हें तत्काल बाल श्रम से मुक्त कराया गया। संबंधित प्रतिष्ठानों के संचालकों को नोटिस जारी करते हुए कड़ी चेतावनी दी गई कि नाबालिग बच्चों से श्रम कराना कानूनन दंडनीय अपराध है और भविष्य में ऐसा पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के दौरान टीम ने कोटपा अधिनियम-2003 के तहत विद्यालय, महाविद्यालय, अस्पताल एवं सरकारी भवनों के 100 गज के दायरे में तंबाकू, सिगरेट और गुटखा की बिक्री नहीं करने के निर्देश भी दुकानदारों को दिए।
इसके साथ ही आमजन को बाल श्रम निषेध, बंधुआ मजदूरी उन्मूलन, बाल भिक्षावृत्ति एवं बाल विवाह रोकथाम के साथ-साथ “एक युद्ध नशे के विरुद्ध” अभियान के प्रति जागरूक किया गया तथा समाज से इन सामाजिक बुराइयों के उन्मूलन में सक्रिय सहयोग की अपील की गई।





