फिर गरजा रामपुर खास का शेर! राम जन्मभूमि ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर प्रमोद तिवारी ने उठाए गंभीर सवाल
राज्यसभा के उपनेता एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने चंपत राय के इस्तीफे के बाद राम जन्मभूमि ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और न्याय प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की आवश्यकता बताई।

लालगंज, प्रतापगढ़। विगत कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे राज्यसभा के उपनेता एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने एक बार फिर अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और न्याय प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। चंपत राय के इस्तीफे से जुड़े घटनाक्रम के बाद उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस ने उनके मन में निष्पक्ष न्याय को लेकर संदेह और गहरा कर दिया है।
प्रमोद तिवारी ने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद उन्हें यह महसूस हुआ कि इस पूरे प्रकरण में निष्पक्ष न्याय की उम्मीद बेहद कठिन दिखाई देती है। उनका कहना था कि जब ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वयं वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों से घिरे व्यक्ति के पक्ष में भावुक होकर बयान दे रहे हों और साथ ही यह भी कहा जा रहा हो कि “इस्तीफा देने के बाद उसे वापस नहीं लिया जा सकता”, तो स्वाभाविक रूप से पूरे घटनाक्रम पर कई गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि इस्तीफा वास्तव में स्वीकार ही नहीं किया जाना था, तो पूरा घटनाक्रम केवल औपचारिकता या दिखावे जैसा प्रतीत होता है। ऐसी स्थिति में आम लोगों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या इस मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी न्याय की उम्मीद की जा सकती है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि उनका विश्वास किसी व्यक्ति विशेष पर नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम और उन करोड़ों रामभक्तों पर है जो सत्य, न्याय और मर्यादा की स्थापना में आस्था रखते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अंततः सत्य सामने आएगा और न्याय की भावना कायम रहेगी।
रामपुर खास की राजनीति में अपनी बेबाक शैली के लिए पहचाने जाने वाले प्रमोद तिवारी के इस बयान को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके बयान के बाद इस मुद्दे पर सियासी बहस तेज होने की संभावना जताई जा रही है।





