
लखनऊ।
समाजवादी पार्टी की मैनपुरी से सांसद डिंपल यादव ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार, शिक्षा व्यवस्था और निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं को लेकर तीखा हमला बोला। बुधवार को संसद परिसर में मीडिया से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के दस वर्षों के कार्यकाल में पूरा तंत्र भ्रष्टाचार की चपेट में आ गया है।
डिंपल यादव ने कहा कि शिक्षा और परीक्षाओं से लेकर निर्माण कार्यों तक लगातार अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हो रहे हैं, जबकि प्राथमिक विद्यालयों को बंद किया जा रहा है। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में निजीकरण बढ़ने का भी उन्होंने दावा किया।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
सपा सांसद ने निर्माण परियोजनाओं की गुणवत्ता को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने हाल ही में बने जेवर एयरपोर्ट में जलभराव और लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर जगह-जगह गड्ढों का उदाहरण देते हुए कहा कि बड़े स्तर पर जिन परियोजनाओं का प्रचार किया जाता है, उनकी वास्तविक गुणवत्ता बारिश के दौरान सामने आ जाती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगह उद्घाटन के बाद ही सड़कें खराब होने लगी हैं। निर्माण कार्यों में बजट के दुरुपयोग और कथित कमीशनखोरी का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी परियोजनाओं में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर हमला
डिंपल यादव ने विश्वविद्यालयों और विद्यालयों की व्यवस्था को लेकर भी भाजपा सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है और विश्वविद्यालयों में आरएसएस से जुड़े लोगों को कुलपति बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार को जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए और सरकारी योजनाओं तथा निर्माण परियोजनाओं में खर्च होने वाले जनता के पैसे की जवाबदेही तय करनी चाहिए।
राममंदिर के चढ़ावे का भी उठाया मुद्दा
अयोध्या के राममंदिर से जुड़े चढ़ावे की कथित चोरी का उल्लेख करते हुए डिंपल यादव ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता सनातन और आस्था की बात करते रहे हैं, लेकिन अब आस्था से जुड़ी चीजों में भी चोरी की खबरें सामने आ रही हैं।
उन्होंने सरकार से भ्रष्टाचार के आरोपों पर जवाब देने और सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के साथ-साथ खर्च की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।





