राधा के बिना कृष्ण नहीं, सद्गुरु के बिना भगवान की प्राप्ति असंभव: रोहित मोडे
कुंडा के हनुमत नगर स्थित गजराज पैलेस में आयोजित श्री कथा ज्ञानयज्ञ के दूसरे दिवस कथावाचक रोहित मोडे ने कहा कि राधा के बिना कृष्ण और सद्गुरु के बिना भगवान की प्राप्ति संभव नहीं। कथा में श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हुए।

कुंडा, प्रतापगढ़। हनुमत नगर स्थित गजराज पैलेस में आयोजित श्री कथा ज्ञानयज्ञ के दूंसरे दिवस श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा वाचक रोहित मोडे ने अपने प्रवचन में कहा कि भगवान की प्राप्ति के लिए सद्गुरु का सान्निध्य आवश्यक है। उन्होंने कहा कि “राधा के बिना कृष्ण नहीं और सद्गुरु के बिना भगवान नहीं मिलते।”

कथावाचक ने कहा कि जैसे फूलों की संगति से एक साधारण धागा भी भगवान के कंठ तक पहुंच जाता है, उसी प्रकार मनुष्य को भी संतों की संगति करनी चाहिए। संतों का सान्निध्य जीवन को सही दिशा देता है और ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान से सच्चा प्रेम करने तथा सत्संग को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया। 
कथा के दौरान भजन “मीठे रस से भयो जी, राधा रानी लागे, महारानी लागे, मन करो जमुना जी के पानी लागे” की मनमोहक प्रस्तुति पर श्रद्धालु भावविभोर होकर भक्ति रस में सराबोर हो गए।

कार्यक्रम का आयोजन कुंडलीकराव वाय भासे (पश्चिम विदर्भ पीठ प्रमुख) के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर पीठ उप प्रमुख संजय खंडागले, व्यवस्थापक ऋषिकेश बीरारी, कथा अध्यक्ष दिनेश गुप्ता, अशोक महल्ले, संदीप ठौबरे, शिव बहादुर, नरसिंह बहादुर, दिलीप शुक्ला, विनायक सवाई, संतोष नालट सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।





