ठाकुरगंज में सांड की हत्या का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार, हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद
लखनऊ के ठाकुरगंज में सांड की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से दो चाकू, एक चापड़ और तीन बोरियां बरामद हुईं। मामले में शस्त्र अधिनियम की धारा भी जोड़ी गई।

लखनऊ।
ठाकुरगंज थाना क्षेत्र में बंद पड़ी धान मिल में सांड की गला काटकर हत्या किए जाने के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो चाकू, एक चापड़ और तीन बोरियां भी बरामद की हैं।
बरामदगी के आधार पर मुकदमे में शस्त्र अधिनियम की धारा भी बढ़ाई गई है।पुलिस के अनुसार, 5 अगस्त को न्यू हैदरगंज स्थित एक बंद पड़ी धान मिल में सांड का गला काटकर हत्या किए जाने की सूचना मिली थी।
सूचना पर ठाकुरगंज थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और पशु चिकित्सक तथा फॉरेंसिक टीम को बुलाकर घटनास्थल से आवश्यक भौतिक एवं वैज्ञानिक साक्ष्य संकलित किए गए। घटनास्थल की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई गई।
पशु चिकित्सक की जांच के बाद नियमानुसार सांड के शव को घटनास्थल के निकट सम्मानपूर्वक दफनाया गया। इस मामले में चौकी प्रभारी रिंग रोड उपनिरीक्षक आशीष सिंह की तहरीर पर थाना ठाकुरगंज में भारतीय न्याय संहिता की धारा 325 तथा उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया।
मामले की विवेचना उपनिरीक्षक मुदित राय को सौंपी गई।घटना के खुलासे के लिए पुलिस उपायुक्त (पश्चिमी) के निर्देशन में कई पुलिस टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, वैज्ञानिक साक्ष्यों, स्थानीय सूचनाओं तथा मुखबिर की सूचना के आधार पर तीन संदिग्धों की पहचान की।
लगातार दबिश के बाद शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर तीनों आरोपियों को ठाकुरगंज क्षेत्र स्थित शिवम भट्ठा परिसर के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कासिम, अल्लाह रखा उर्फ लल्ले तथा मोहम्मद साबिर के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो चाकू, एक सफेद चापड़ तथा तीन बोरियां बरामद की गई हैं। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में शस्त्र अधिनियम की धारा 4/25 भी जोड़ दी गई है।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि दो आरोपियों के विरुद्ध पहले से भी आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस मामले की विस्तृत विवेचना कर रही है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।कमिश्नरेट पुलिस का कहना है कि गोवध और पशु क्रूरता से जुड़े मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा तथा ऐसे मामलों में साक्ष्यों के आधार पर कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।





