विश्व स्तनपान सप्ताह: माँ का दूध नवजात शिशु के लिए सर्वोत्तम आहार, यूनानी मेडिकल कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम
प्रयागराज के राजकीय यूनानी मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय में विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि माँ का दूध नवजात शिशु के समुचित विकास और रोगों से सुरक्षा के लिए सबसे उत्तम आहार है।

प्रयागराज।
विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर राजकीय यूनानी मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय, प्रयागराज में इल्मुल अतफ़ाल (बाल रोग) विभाग तथा अमराज़-ए-निस्वाँ व कबालत (स्त्री एवं प्रसूति रोग) विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य माँ के दूध के महत्व, नवजात शिशुओं के समुचित विकास, रोगों से सुरक्षा तथा स्तनपान के प्रति लोगों को जागरूक करना था।
पोस्टर प्रस्तुति और विशेषज्ञों के व्याख्यान
कार्यक्रम में यूजी बैच-2021 की छात्रा स्वाति सोनकर ने माँ के दूध के महत्व पर पोस्टर प्रस्तुति दी। वहीं, डॉ. आयशा अबरार और डॉ. नेहा खातून (पीजी स्कॉलर, इल्मुल अतफ़ाल विभाग) ने विश्व स्तनपान सप्ताह की थीम पर वैज्ञानिक एवं शोध आधारित व्याख्यान प्रस्तुत किए।
इसके अलावा डॉ. रखशिंदा बेग ने उपस्थित मरीजों और प्रतिभागियों को स्तनपान के स्वास्थ्य लाभों की विस्तृत जानकारी दी और माताओं को जागरूक किया।
‘माँ का दूध प्रकृति का सर्वोत्तम आहार’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य एवं अधीक्षक डॉ. वसीम अहमद ने कहा कि माँ का दूध नवजात शिशु के लिए प्रकृति का सर्वोत्तम और संपूर्ण आहार है। यह शिशु के शारीरिक, मानसिक और प्रतिरक्षा तंत्र के समुचित विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी समस्या, सलाह या उपचार के लिए अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों से संपर्क करना चाहिए, ताकि माँ और बच्चे दोनों का स्वास्थ्य सुरक्षित रखा जा सके।





