दोहरे हत्याकांड के बाद गम में डूबा गांव, मांगों पर अड़े परिजन; प्रशासन के आश्वासन पर हुआ दादा-पोते का अंतिम संस्कार
आजमगढ़ के हेवती डिहवा गांव में भूमि विवाद में दादा-पोते की हत्या के बाद परिजन मांगों पर अड़े रहे। प्रशासन के आश्वासन के बाद दुर्वासा घाट पर दोनों का अंतिम संस्कार किया गया। गांव में सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं।

आजमगढ़। भूमि विवाद में दादा और पोते की नृशंस हत्या के बाद शुक्रवार देर शाम पोस्टमार्टम के उपरांत दोनों के शव जैसे ही हेवती डिहवा गांव पहुंचे, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। गांव में मातम का माहौल रहा और कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले।
शोकाकुल परिजनों ने पहले शवों का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। मृतक श्रेयांशु उर्फ अंकित यादव के पिता सुरेंद्र यादव ने परिवार के दो सदस्यों को सरकारी नौकरी, शस्त्र लाइसेंस और हत्या में शामिल सभी आरोपियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग रखी।
उनकी मांगों को लेकर काफी देर तक प्रशासन और परिजनों के बीच वार्ता चलती रही।
मृतक अंकित की मां रविंद्रा देवी का रो-रोकर बुरा हाल रहा। परिजनों की चीख-पुकार से पूरे गांव का माहौल गमगीन बना रहा। घटना के मद्देनजर गांव में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
एहतियातन एक बटालियन पीएसी के साथ स्थानीय पुलिस बल तैनात किया गया ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
शनिवार सुबह से ही उपजिलाधिकारी फूलपुर अशोक कुमार, क्षेत्राधिकारी किरण पाल सिंह, कोतवाली फूलपुर के प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र प्रताप सिंह, थानाध्यक्ष दीदारगंज जयप्रकाश यादव और थानाध्यक्ष पवई मनीष पाल गांव में मौजूद रहे।
अधिकारियों ने परिजनों से लगातार वार्ता कर उन्हें अंतिम संस्कार के लिए मनाने का प्रयास किया।
इस दौरान क्षेत्रीय विधायक रमाकांत यादव की पत्नी डॉ. रंजना यादव, विधायक प्रतिनिधि विजय बहादुर यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी और प्रशासन के साथ वार्ता में सहयोग किया।
काफी समझाइश और प्रशासन के आश्वासन के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। इसके बाद दादा जगदम्बा यादव और उनके पोते श्रेयांशु उर्फ अंकित यादव का अंतिम संस्कार दुर्वासा श्मशान घाट पर एक साथ कराया गया। फिलहाल गांव में पुलिस बल तैनात है और मामले की जांच के साथ आरोपियों के विरुद्ध आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।





