
प्रयागराज।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और तोड़फोड़ को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई अपराधी छात्रों की आड़ लेकर राजनीतिक दुश्मनी निकालने, भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला करने या उपद्रव फैलाने की कोशिश करेगा तो उसकी जांच कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन की आड़ में असामाजिक तत्वों ने हिंसा की और ऐसे लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
‘छात्रों को नहीं, उपद्रवियों को मिलेगी सजा’
मंगलवार को प्रयागराज में पत्रकारों से बातचीत के दौरान डिप्टी सीएम ने कहा कि सरकार छात्रों के प्रति संवेदनशील है। यदि आंदोलन के दौरान छात्रों से कोई छोटी-मोटी गलती हुई भी होगी तो सरकार उसे माफ करने को तैयार है, लेकिन हिंसा, तोड़फोड़ और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले अपराधियों को किसी तरह की राहत नहीं मिलेगी।
अखिलेश यादव पर बोला हमला
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा पुलिस कार्रवाई पर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि जब भी गुंडों और माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई होती है, तब समाजवादी पार्टी को सबसे ज्यादा तकलीफ होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन की आड़ में सपा से जुड़े लोगों ने हिंसा और तोड़फोड़ की, जिसकी पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है।
25 जुलाई की घटना में तीन एफआईआर, 10 आरोपी गिरफ्तार
डिप्टी सीएम ने बताया कि 25 जुलाई को हुए उपद्रव के मामले में पुलिस ने तीन एफआईआर दर्ज की हैं और अब तक 10 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और दोषियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पेपर लीक पर विपक्ष को घेरा
संसद में पब्लिक एग्जामिनेशन (संशोधन) बिल पर चर्चा को लेकर भी डिप्टी सीएम ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पेपर लीक देश और प्रदेश की गंभीर समस्या है, जिस पर राजनीति नहीं बल्कि गंभीर चर्चा होनी चाहिए। उनका कहना था कि विपक्ष के हंगामे के कारण पहले इस विषय पर चर्चा नहीं हो सकी।
उन्होंने कहा कि यदि इस मुद्दे पर प्रभावी कानून और ठोस व्यवस्था लागू होती है तो भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकेगी।





