एक मंच पर गूंजीं शहनाइयां और निकाह की सदाएं, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में 207 जोड़ों ने शुरू किया नया जीवन
सुल्तानपुर के बल्दीराय में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 207 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। 205 हिंदू जोड़ों का वैदिक रीति-रिवाज से विवाह और 2 मुस्लिम जोड़ों का निकाह कराया गया।

सुल्तानपुर।
जिले के बल्दीराय विकास खंड परिसर में शुक्रवार को आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का भव्य समारोह खुशियों, उल्लास और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक बन गया। समारोह में 207 जोड़ों ने एक साथ वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत की। इनमें 205 हिंदू जोड़ों का वैदिक रीति-रिवाज से विवाह कराया गया, जबकि 2 मुस्लिम जोड़ों का निकाह इस्लामी परंपरा के अनुसार संपन्न हुआ।
एक ही मंच पर विवाह और निकाह की रस्मों का आयोजन सामाजिक समरसता और गंगा-जमुनी संस्कृति की खूबसूरत तस्वीर बनकर सामने आया।
शहनाइयों, वैदिक मंत्रों और निकाह की रस्मों के बीच बना यादगार पल
पूरे समारोह के दौरान शहनाइयों की मधुर धुन, वैदिक मंत्रोच्चार और निकाह की रस्मों ने वातावरण को उत्सवमय बना दिया। नवविवाहित जोड़ों ने जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया, जबकि उनके परिजनों और उपस्थित लोगों ने इस खुशी के पल का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से जरूरतमंद परिवारों को मिल रहा सहारा
मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ऊषा सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवार अपनी बेटियों का सम्मानपूर्वक विवाह करा पा रहे हैं, जिससे सामाजिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर राहत मिल रही है।
विशिष्ट अतिथि ब्लॉक प्रमुख शिवकुमार सिंह ने सभी नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं देते हुए उनके सुखद, समृद्ध और सफल वैवाहिक जीवन की कामना की।
जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
समारोह में जिला परियोजना निदेशक अशोक कुमार सिंह, एसडीएम प्रभात सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रवीण, खंड विकास अधिकारी विमलेश चंद्र त्रिवेदी, सीओ आशुतोष कुमार, थानाध्यक्ष महेंद्र कुमार सिंह सहित कई प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
योजना का उद्देश्य—सम्मान के साथ विवाह, समाज में समानता का संदेश
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को विवाह में सहयोग देना, सामाजिक समानता को बढ़ावा देना और बिना किसी भेदभाव के सम्मानजनक वैवाहिक आयोजन सुनिश्चित करना है। बल्दीराय में आयोजित यह समारोह इसी उद्देश्य की सफल मिसाल बनकर सामने आया।





