कौशांबी में राशन डीलर निकला मोबाइल छिनैती का मास्टरमाइंड, 3 गिरफ्तार, बैंक खाते से रुपये निकालने की थी साजिश
कौशांबी पुलिस ने मोबाइल छिनैती का खुलासा करते हुए राशन डीलर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। विदेश से लौटे युवक के खाते में लाखों रुपये होने की जानकारी के बाद मोबाइल छीनकर बैंक खाते से रकम निकालने की साजिश रची गई थी।

कौशांबी।
उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में पुलिस ने मोबाइल छिनैती की एक सनसनीखेज वारदात का खुलासा करते हुए सरकारी राशन डीलर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से छीना गया मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली गई है। पुलिस जांच में सामने आया कि पीड़ित के बैंक खाते में लाखों रुपये होने की जानकारी मिलने के बाद पूरी साजिश रची गई थी।
विदेश से लौटे युवक को फोन कर ट्यूबवेल पर बुलाया
मंझनपुर थाना क्षेत्र के मगरोहनी गांव निवासी बलराम ने पुलिस को बताया कि 2 अगस्त की रात एक अज्ञात कॉल आने पर वह गांव के पीछे स्थित ट्यूबवेल पर पहुंचा। वहां पहले से मौजूद बाइक सवार बदमाश उसका मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
सीसीटीवी और सर्विलांस से पुलिस पहुंची आरोपियों तक
पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण के निर्देश पर गठित टीम ने सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने पतौना-ससुर खदेरी नदी पुल के पास घेराबंदी कर तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:
- जयप्रकाश सरोज
- रजनीश कुमार
- लक्ष्मण राजपूत
तलाशी के दौरान उनके पास से पीड़ित का बैंगनी रंग का नोकिया मोबाइल और घटना में प्रयुक्त हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल बरामद हुई।
राशन डीलर ने रची थी पूरी साजिश
पुलिस पूछताछ में जयप्रकाश सरोज ने बताया कि वह सरकारी राशन डीलर (कोटेदार) है और बलराम उसके यहां से राशन लेता था। बातचीत के दौरान उसे पता चला कि बलराम हाल ही में विदेश से लौटा है और उसके बैंक खाते में करीब 10 से 15 लाख रुपये जमा हैं।
इसी जानकारी के आधार पर तीनों ने मोबाइल छीनकर बैंक खाते तक पहुंच बनाने और रकम निकालने की योजना बनाई। योजना के तहत जयप्रकाश ने बलराम को फोन कर ट्यूबवेल पर बुलाया, जहां उसके साथियों ने मोबाइल छीन लिया।
पुलिस कर रही बैंक खाते से छेड़छाड़ की जांच
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायालय भेज दिया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों ने मोबाइल के जरिए पीड़ित के बैंक खाते तक पहुंचने या ऑनलाइन लेनदेन करने की कोशिश की थी या नहीं।





