प्रतापगढ़: स्थगन आदेश के बावजूद निर्माण का आरोप, पीड़ित ने प्रशासन से की कार्रवाई की मांग
प्रतापगढ़ के कुंडा क्षेत्र में भूमि विवाद ने फिर तूल पकड़ लिया है। एक पक्ष ने दीवानी न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद निर्माण कराने का आरोप लगाया है, जबकि दूसरे पक्ष ने आरोपों को निराधार बताते हुए प्रशासनिक कार्रवाई का हवाला दिया है।

कुंडा/प्रतापगढ़ :
कुंडा कोतवाली क्षेत्र के बरई गांव में भूमि विवाद एक बार फिर चर्चा में है। एक पक्ष ने आरोप लगाया है कि दीवानी न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद विवादित भूमि पर निर्माण कराया जा रहा है। वहीं, दूसरे पक्ष ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि निर्माण किसी अन्य गाटा संख्या की भूमि पर हो रहा है।
स्थगन आदेश के उल्लंघन का आरोप
बरई गांव निवासी रमेश चंद्र पटेल का आरोप है कि उनकी भूमिधरी भूमि गाटा संख्या 930 पर वर्ष 2017 से दीवानी न्यायालय का स्थगन आदेश प्रभावी है। इसके बावजूद विपक्षी पक्ष लगातार निर्माण कार्य करा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में उप जिलाधिकारी कुंडा, कोतवाली प्रभारी, मुख्यमंत्री सहित अन्य अधिकारियों को तहसील दिवस और थाना दिवस में कई बार प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
दूसरे पक्ष ने आरोपों को बताया निराधार
दूसरे पक्ष के मो. तारिक ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि निर्माण कार्य गाटा संख्या 930 पर नहीं, बल्कि दूसरी गाटा संख्या की भूमि पर कराया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि संबंधित भूमि की कई बार पैमाइश हो चुकी है और पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मामले का निस्तारण भी किया जा चुका है। उनके अनुसार, बेबुनियाद आरोप लगाकर निर्माण कार्य में बाधा डालने की कोशिश की जा रही है।
प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार
फिलहाल मामला प्रशासन के संज्ञान में है। दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं। अब सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर है।
नोट: यह समाचार दोनों पक्षों के दावों और आरोपों पर आधारित है। मामले में अंतिम स्थिति प्रशासनिक जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।





