खाद संकट को लेकर प्रमोद तिवारी और मोना ने सरकार पर बोला हमला
खाद की अनुपलब्धता को लेकर राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी और रामपुर खास विधायक आराधना मिश्रा मोना ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस नेताओं ने डीएपी-यूरिया की कमी, बिजली संकट और सिंचाई व्यवस्था को लेकर किसानों की समस्याएं उठाईं।

लालगंज, प्रतापगढ़। धान की रोपाई के समय खाद की किल्लत को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता एवं सांसद प्रमोद तिवारी तथा रामपुर खास विधायक व कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने संयुक्त बयान जारी कर प्रदेश में खाद की अनुपलब्धता को लेकर चिंता जताई है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि रामपुर खास विधानसभा क्षेत्र समेत प्रतापगढ़ जिले के विभिन्न क्षेत्रों में डीएपी और यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने से किसान परेशान हैं। समय पर खाद नहीं मिलने से धान की रोपाई प्रभावित हो रही है, जिससे खरीफ फसल के उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।
प्रमोद तिवारी और आराधना मिश्रा मोना ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि साधन सहकारी समितियों पर खाद उपलब्ध नहीं है और बाजारों में भी किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि किसानों को आधार कार्ड और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर परेशान किया जा रहा है।
विधायक आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के दावे करती है, लेकिन जरूरत के समय खाद उपलब्ध नहीं करा पा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाना चाहिए।
सांसद प्रमोद तिवारी और विधायक मोना ने बिजली आपूर्ति और नहरों में पानी की उपलब्धता को लेकर भी सरकार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा नहरों में पानी छोड़े जाने के दावे जमीनी स्तर पर प्रभावी नहीं दिख रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बिजली आपूर्ति बाधित होने से खेती-किसानी के साथ व्यापारिक गतिविधियां और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र भी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने बिजली बिलों में अनियमितता और उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान न होने का भी मुद्दा उठाया।
प्रमोद तिवारी और आराधना मिश्रा मोना ने प्रदेश सरकार से मांग की कि किसानों को आवश्यकता के अनुसार डीएपी और यूरिया की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए, ताकि धान की फसल को नुकसान से बचाया जा सके। साथ ही उन्होंने बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था करने की मांग भी की।
कांग्रेस नेताओं का संयुक्त बयान शनिवार को उनके मीडिया प्रभारी ज्ञान प्रकाश शुक्ल के हवाले से जारी किया गया।





