
प्रतापगढ़।
जिले के कटरा मेदनी स्थित करीब तीन साल से बंद पड़े पराग सहकारी दुग्ध उत्पादन एवं दुग्ध संग्रह केंद्र को दोबारा संचालित कराने की मांग तेज हो गई है। राज्यसभा सांसद अमर पाल मौर्य ने सरकार से केंद्र को जल्द शुरू कराने के लिए आवश्यक पहल करने की मांग की है। केंद्र के दोबारा संचालन से क्षेत्र के करीब 20 हजार किसानों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलने की उम्मीद है।
कभी किसानों की आय का था बड़ा जरिया
कटरा मेदनी स्थित पराग दुग्ध संग्रह केंद्र क्षेत्र के दुग्ध उत्पादक किसानों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता था। गांव-गांव संचालित दुग्ध संग्रह केंद्रों के माध्यम से किसानों से दूध एकत्र कर मुख्य केंद्र तक पहुंचाया जाता था।
इस व्यवस्था से किसानों को स्थानीय स्तर पर दूध बेचने के साथ उचित मूल्य और नियमित आमदनी का अवसर मिलता था। बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवारों की आजीविका भी दुग्ध उत्पादन पर निर्भर थी।
तीन साल से बंद पड़ा है केंद्र
राज्यसभा सांसद के मुताबिक स्थानीय स्तर पर भुगतान में देरी, वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं और व्यवस्था में आई शिथिलता के कारण किसानों का दुग्ध संग्रह व्यवस्था से भरोसा कम हुआ। इसके बाद किसानों ने केंद्र पर दूध देना बंद कर दिया।
पिछले करीब तीन वर्षों से केंद्र पूरी तरह बंद पड़ा है। केंद्र की मशीनें और अन्य संसाधन भी लंबे समय से निष्क्रिय हैं।
20 हजार किसानों को मिल सकता है सीधा लाभ
सांसद अमर पाल मौर्य ने कहा कि केंद्र के पुनः संचालन से करीब 20 हजार किसान प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो सकते हैं। केंद्र शुरू होने से दुग्ध उत्पादकों को स्थानीय स्तर पर बाजार उपलब्ध होगा और उन्हें दूध का उचित मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी।
इसके साथ ही ग्रामीण परिवारों को नियमित आय का स्रोत मिलने और क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
लंबित भुगतान और अनियमितताओं की समीक्षा की मांग
राज्यसभा सांसद ने सरकार से किसानों के लंबित भुगतान की समीक्षा कराने की मांग की है। इसके अलावा केंद्र के संचालन से जुड़ी कथित वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने पर भी जोर दिया है।
उन्होंने केंद्र को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर जल्द से जल्द दोबारा संचालित कराने की मांग की है।
दुग्ध सहकारिता को मिलेगी मजबूती
सांसद ने कहा कि कटरा मेदनी दुग्ध संग्रह केंद्र को दोबारा शुरू करने से किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है। साथ ही इससे ग्रामीण क्षेत्र में दुग्ध सहकारिता व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
अब निगाहें सरकार और संबंधित विभाग की कार्रवाई पर हैं कि करीब तीन साल से बंद पड़े केंद्र को दोबारा शुरू कराने की दिशा में क्या कदम उठाया जाता है।





