
प्रतापगढ़।
कुंडा पुलिस ने ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘न्यू लोटस गेमिंग’ ऑनलाइन सट्टेबाजी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने तिलौरी मोड़ स्थित शिवपुरम कॉलोनी से गिरोह से जुड़े एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से आठ मोबाइल फोन, लैपटॉप, टैबलेट, 15 बैंक पासबुक, नौ चेकबुक, सात एटीएम कार्ड और बड़ी संख्या में क्यूआर कोड बरामद किए गए हैं।
‘न्यू लोटस गेमिंग’ की ऑनलाइन सट्टेबाजी ब्रांच चलाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान सौरभ सिंह पुत्र अरविंद कुमार सिंह, निवासी तिलक का पुरा, थाना मऊआइमा, प्रयागराज के रूप में हुई है। उसकी उम्र करीब 19 वर्ष बताई गई है।
पुलिस ने बताया कि सात अगस्त को मुखबिर से ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़ी गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने तिलौरी मोड़ स्थित शिवपुरम कॉलोनी में कार्रवाई की। मौके से सौरभ सिंह को विभिन्न लोगों के नाम की पासबुक और चेकबुक के साथ गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह शैलेन्द्र प्रताप सिंह के साथ मिलकर ‘न्यू लोटस गेमिंग’ की ऑनलाइन सट्टेबाजी ब्रांच संचालित करता था।
कमीशन पर लेते थे बैंक खाते, सट्टेबाजी की रकम का होता था लेनदेन
पुलिस का दावा है कि गिरोह कमीशन के बदले दूसरे लोगों के बैंक खाते हासिल करता था। इन खातों के जरिए ऑनलाइन सट्टेबाजी की रकम का लेनदेन किया जाता था। इसके बाद रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर छिपाने का प्रयास किया जाता था।
जांच के दौरान पुलिस को शैलेन्द्र प्रताप सिंह, हरिगोविंद सिंह, अनीश और नीरज समेत अन्य लोगों की संलिप्तता की जानकारी मिली है।
आठ मोबाइल, लैपटॉप और बड़ी संख्या में QR कोड बरामद
कुंडा पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के पास से ऑनलाइन सट्टेबाजी में इस्तेमाल होने वाली कई इलेक्ट्रॉनिक और बैंकिंग सामग्री बरामद की है। बरामद सामान में शामिल हैं:
- 8 मोबाइल फोन
- 1 लैपटॉप
- 1 टैबलेट
- 15 बैंक पासबुक
- 9 चेकबुक
- 7 एटीएम कार्ड
- 11 रियल गोल्ड पेटीएम क्यूआर कोड
- 12 गूगल-पे क्यूआर कोड
- क्यूआर कोड स्टैंड
- 2 गूगल-पे मशीन
- रजिस्टर और डायरी
- एटीएम स्लिप समेत अन्य सामग्री
पांच नामजद समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज
पुलिस ने मामले में मु0अ0सं0 307/2026 के तहत बीएनएस की विभिन्न धाराओं और 66डी आईटी एक्ट में पांच नामजद तथा अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। जांच के दौरान ऑनलाइन सट्टेबाजी के नेटवर्क और बैंक खातों के जरिए हुए लेनदेन से जुड़े अन्य तथ्यों के सामने आने की संभावना है।





